Wednesday, October 27, 2021
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Anshu Malik in World Championship: इंजरी ने मुझे वर्ल्ड चैम्पियन नहीं बनने दिया : अंशू मलिक

मनोज जोशी, नई दिल्ली:
Anshu Malik in World Championship: पहले इंडव्यूजल वर्ल्ड कप में सिल्वर जीतकर इतिहास रचना। फिर एशियाई खेलों में गोल्ड फिर ओलिम्पियन बनना और अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप में (Anshu Malik in World Championship) सिल्वर मेडल जीतने वाली देश की इकलौती महिला पहलवान बनना। हम बात कर रहे हैं अंशू मलिक की, जिन्होंने नॉर्वे के शहर ओस्लो में यह कमाल करके इतिहास रच दिया।

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Anshu Malik in World Championship आज समाज को दिया एक्सक्लूसिव इंटरव्यू 

ओस्लो से लौटने के बाद आज समाज को दिये एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में अंशू मलिक ने कहा कि मेरी दिली इच्छा थी कि मैं वर्ल्ड चैम्पियन बनूं क्योंकि अभी तक देश से केवल सुशील ही वर्ल्ड चैम्पियन बने हैं। मेरा भी यही लक्ष्य था कि मैं भी वर्ल्ड चैम्पियन (Anshu Malik in World Championship) की बेल्ट पहनूं लेकिन फाइनल में इंजरी की वजह से मेरी सारी उम्मीदें खत्म हो गईं।

फाइनल में अंशू का मुकाबला पूर्व ओलिम्पिक और वर्ल्ड चैम्पियन (Anshu Malik in World Championship) हेलन मारूलिस से हुआ। हेलन ने हाल में टोक्यो ओलिम्पिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता था और प्रो रेसलिंग लीग की वजह से वह भारत में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। अंशू ने कहा कि हेलन की उपलब्धियों का उन पर कोई दबाव नहीं था क्योंकि उनकी तैयारी भी इस स्तर पर हुई थी। उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें अपना सौ फीसदी देना है और वह गोल्ड की लड़ाई थी।

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इस मुकाबले में अंशू हाफ टाइम तक 1-0 से आगे थी लेकिन दूसरे हाफ में सब उल्टा हो गया और उन्हें चितपट का शिकार होना पड़ा। इस बारे में अंशू कहती हैं कि वर्ल्ड चैम्पियनशिप (Anshu Malik in World Championship) से पहले उनकी कुहनी में इंजरी थी। फिर मंगोलियाई रेसलर के खिलाफ पैर में इंजरी हो गई और आखिरी मुकाबले में कंधे की इंजरी ने रही सही कसर पूरी कर दी।

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हालांकि उन्होंने पीडब्ल्यूएल में पूजा के साथ उनके मुकाबले को देखा था। अब उनका मानना यही है कि आज के दौर में इसी वजन में उनके हेलन के साथ और भी मुकाबले होंगे जिससे उन्हें अपने कोचों की मदद से इन गलतियों पर काम करना है। अगले मुकाबले में मुझे विश्वास है कि वह काफी अच्छा लड़ेंगी।

इसमें कोई दो राय नहीं कि अंशू के पास हेलन के मुकाबले पॉवर ज्यादा थी लेकिन हेलन ने अपर-बॉडी पर काफी काम किया था, जो उनके काम आया। अंशू ने चार मुकाबलों में कुल 38 अंक बटोरे। अंशू कहती हैं कि उन्होंने यह पहले से ही तय कर लिया था कि ओलिम्पिक में जो कमी रह गई हैं, उसे वह दूर करेंगी।

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हालांकि रोम रैंकिंग टूनार्मेंट में मैंने ओलिम्पिक में पदक जीतने वाली बुल्गारियाई रेसलर को हराया है। आखिर टोक्यो में बेलारूस की इरिना के खिलाफ कहां चूक हुई। अंशू ने कहा कि इरिना के खिलाफ मुकाबले में भी उन पर कोई दबाव नहीं था। उन्हें इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की एक अनुभवी खिलाड़ी थीं। वह मानती हैं कि उनसे इस मुकाबले में कुछ गलतियां हुईं और मैं उन्हीं गलतियों को दूर करने की कोशिश करूंगी। अंशू ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में गोल्ड जीतना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है। उसी के बाद ही वह आगे के सफर के बारे में कुछ तय कर पाएंगी।

 

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