India News (इंडिया न्यूज), Bihar AQI: बिहार के कई जिलों में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक स्थिति में पहुंचता जा रहा है। राज्य के 22 जिलों की हवा की गुणवत्ता (AQI) में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, खासकर सांस लेने में बुजुर्गों को कठिनाई आ रही है, खांसी- खराश बढ़ने की नौबत आ सकती है। बता दें, राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, गया और भागलपुर जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर 300 के पार जा चुका है, जिससे सांस और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
कई जिलों में प्रदुषण का असर कम
हवा की खराब गुणवत्ता का मुख्य कारण लगातार बढ़ता धूल और धुएं का स्तर बताया जा रहा है। ऐसे में, उद्योगों से निकलने वाला धुआं, वाहनों का प्रदूषण और पराली जलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। बता दें, विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे बदलाव और ठंड के कारण वायु प्रदूषण और भी बढ़ सकता है। आज कल ठंड में प्रदूषित कण वातावरण में ज्यादा देर तक बने रहते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। दूसरी तरफ, बिहार के पर्यावरण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे खुले में आग न जलाएं, वाहनों का कम से कम उपयोग करें, और घरों के आसपास हरियाली बनाए रखने का प्रयास करें।
लोगों को सेहत का ध्यान रखने की सलाह
इसके अलावा, बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा से पीड़ित लोगों को बाहर निकलने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई जिलों में 250 से 350 के बीच रह रहा AQI, राज्य सरकार ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है, जिसमें पेड़-पौधे लगाना, सड़कों पर धूल नियंत्रण और सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने जैसे उपाय शामिल हैं। इसके अलावा, बिहार के इन 22 जिलों में हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रशासन और जनता को मिलकर प्रयास करने होंगे ताकि प्रदूषण के बढ़ते खतरे को रोका जा सके और लोगों को स्वस्थ पर्यावरण मिल सके।