इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आई है। सरकार इस आईपीओ को हर हाल में सफल बनाना चाहती है। इसी कारण सरकार की ओर से रविवार को भी एएसबीए सुविधा वाली शाखाएं खोलने के लिए कहा गया है।

लेकिन बैंक अधिकारियों के संगठन AIBOC ने रविवार को एएसबीए सुविधा वाली शाखाएं खोलने के आरबीआई के फैसले पर आपत्ति जताई है। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) ने कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर आवेदन डिजिटल रूप से किए जाते हैं। बैंकों के तेजी से डिजिटलीकरण के साथ ही इस समय ज्यादातर शाखाएं एएसबीए (अवरुद्ध राशि द्वारा समर्थित आवेदन) हैं।

सभी बैंक खुले रखने का फैसला हास्यास्पद

AIBOC ने बयान जारी कर कहा कि निवेशकों के बीच आईपीओ की आॅनलाइन सदस्यता के व्यापक उपयोग को देखते हुए, हमारा मानना है कि ज्यादातर शाखाओं को रविवार को भौतिक प्रारूप में एक भी आवेदन नहीं मिलेगा। ऐसी परिस्थितियों में सभी बैंक खुले रखने का फैसला हास्यास्पद है और बैंक इस तरह के भारी खर्च को वहन नहीं कर सकते।

बैंक अधिकारियों में नाराजगी

परिसंघ ने कहा कि सरकार के इस फैसले से बैंक अधिकारियों में नाराजगी है। आरबीआई ने सभी शाखाओं को खुला रखने का फैसला करते समय इसकी वास्तविक आवश्यकता का आकलन नहीं किया है। बयान में कहा गया कि इस फैसले से कोई फायदा नहीं होगा, बल्कि भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसके 100 करोड़ रुपए से अधिक होने का अनुमान है।

गौरतलब है कि एलआईसी आईपीओ (LIC IPO ) में आनलाइन आवेदन के 4 कारोबारी दिन का समय दिया गया है। जबकि अमूमन आईपीओ को सब्सक्राइब करने के लिए 3 दिन का समय मिलता है। एलआईसी आईपीओ 4 मई को रिटेल निवेशकों के लिए खुला था और 9 मई को बंद होगा।

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