India News (इंडिया न्यूज), CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध उत्खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले में केंद्र सरकार द्वारा 2300 करोड़ की लागत से टेड़ेसरा से पारागांव तक बनाए जा रहे सिक्स लेन बायपास रोड के लिए मुरूम की जरूरत पड़ रही है, जिसे माफिया अवैध तरीके से निजी जमीनों से निकालकर खपा रहे हैं। इस खनन के लिए खनिज विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई है, फिर भी प्रशासन की आंखों के सामने यह गैरकानूनी गतिविधि जारी है।
बीरेझर गांव में हो रही खुदाई, ग्रामीणों ने किया विरोध
इंडिया न्यूज़ की टीम जब इस अवैध उत्खनन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के लिए बीरेझर गांव पहुंची तो वहां खुदाई का काम जोरों पर था। ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन के पीछे प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों का संरक्षण है, जिससे प्रशासन कार्रवाई करने में असमर्थ दिख रहा है। गांव वालों ने इस खनन के खिलाफ खनिज विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद, 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा। इससे नाराज ग्रामीणों ने खनिज विभाग के ऑफिस के बाहर दिनभर धरना दिया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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विधायक ने दिए कार्रवाई के संकेत
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित चंद्राकर से जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यदि गलत हो रहा है तो जांच होगी और कार्रवाई अवश्य की जाएगी। हालांकि, ग्रामीणों को संदेह है कि प्रशासन और नेताओं की मिलीभगत के कारण इस अवैध खनन पर कोई सख्त कदम नहीं उठाया जाएगा।
प्रशासन की लापरवाही
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन से खेतों की उपजाऊ मिट्टी खत्म हो रही है और पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। यदि प्रशासन जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करता, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।