Kanpur Twin Sisters Murder Case: यह घटना किदवई नगर में एक किराए के फ्लैट में हुई जहां रविवार रात एक खुशहाल परिवार का अंत हो गया. आरोपी 48 साल का शशि रंजन मिश्रा कभी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) का काम करता था. उसने हाल ही में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वह बेरोजगार हो गया.
कानपुर क्राइम
Kanpur Twin Sisters Murder Case: पिछले दो दिनों से उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक खबर ने सनसनी मचा दी है. एक पिता ने अपनी ही जुड़वां बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी. मासूम बच्चियां (रिद्धि और सिद्धि) सिर्फ 11 साल की थीं. हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद पिता ने खुद पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी. अब इस मामले में कई अहम बातें सामने आ रही हैं, जिन्हें जानकर सच में रोंगटे खड़े हो जाएंगे. आरोपी ने बताया कि उसने यह जुर्म क्यों और कैसे किया.
यह घटना किदवई नगर में एक किराए के फ्लैट में हुई, जहां रविवार रात एक खुशहाल परिवार का अंत हो गया. आरोपी, 48 साल का शशि रंजन मिश्रा, कभी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) का काम करता था. उसने हाल ही में अपना खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए नौकरी छोड़ दी थी, लेकिन किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वह बेरोजगार हो गया. बेरोजगारी की वजह से उसे बहुत डिप्रेशन और शराब की लत लग गई. उसकी पत्नी रेशमा, जो पहले ब्यूटी पार्लर में काम करती थी भी घर पर थी.
रेशमा ने रुंधे गले से बताया कि पिछले कई सालों से उनकी शादीशुदा ज़िंदगी नरक बन गई थी. शशि को उस पर बेवफ़ाई का शक था, और इसी जुनून में उसने पूरे घर में CCTV कैमरे भी लगवा लिए थे ताकि वह अपनी पत्नी की हर हरकत पर नज़र रख सके.
घटना वाली रात परिवार के लोग अलग-अलग कमरों में सोए थे. रेशमा अपने छह साल के बेटे के साथ एक कमरे में थी, जबकि शशि अपनी जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में थी. परिवार किदवई नगर में किराए के फ्लैट में रहता था और अपने रूटीन से दूर हो गया था. पत्नी अपने छह साल के बेटे के साथ अलग कमरे में सोती थी, जबकि उसका पति जुड़वां बेटियों के साथ दूसरे कमरे में सोता था. CCTV फुटेज से पता चला कि दोनों लड़कियां सुबह करीब 2:30 बजे तक ज़िंदा थीं, क्योंकि शशि को एक बेटी को टॉयलेट ले जाते हुए देखा गया था.
पुलिस पूछताछ के दौरान शशि का गुनाह कबूलनामे से दिल दहल गया. उसने बताया कि उसने पहले अपनी बेटियों के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं. जब लड़कियां गहरी नींद में सो गईं और बेहोश हो गईं, तो उसने पहले उनका गला घोंटा और फिर एक दिन पहले बाज़ार से खरीदे गए तेज़ चाकू से उनका गला काट दिया. बिस्तर पर किसी तरह के संघर्ष के निशान न होना इस बात की पुष्टि करता है कि मासूम बच्चों को संभलने का मौका भी नहीं मिला.
हत्या करने के बाद आरोपी भागा नहीं. उसने सुबह करीब 4:30 बजे खुद पुलिस को फोन किया और सरेंडर कर दिया. जब पुलिस पहुंची तो घर का नजारा देखकर दंग रह गई. दोनों लड़कियां कमरे में खून से लथपथ पड़ी थीं. सो रही मां रेशमा को पता नहीं था कि बगल के कमरे में उसकी कोख खाली हो गई है. जब पुलिस पहुंची और उसे सच्चाई पता चली तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.
शुरुआती पुलिस जांच में पता चला है कि शशि अपनी मां की मौत के बाद से बहुत परेशान था. नौबस्ता पुलिस स्टेशन के मुताबिक, आरोपी ने हत्या का कारण अपनी बेटियों के भविष्य की चिंता बताया, लेकिन पुलिस का मानना है कि यह पैसे की तंगी, मानसिक बीमारी और पैरानोइया का मिला-जुला असर था. फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा किए और चाकू और दूसरी संदिग्ध चीजें जब्त कीं. रेशमा ने पुलिस को दिए अपने बयान में साफ-साफ कहा कि जो इंसान अपने ही बच्चों का गला काटता है, उसे समाज में जीने या ज़िंदा रहने का कोई हक नहीं है. आरोपी अभी पुलिस कस्टडी में है, और कानूनी कार्रवाई चल रही है.
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