India News (इंडिया न्यूज़),Burari Building Collapse:  दिल्ली के बुराड़ी इलाके में सोमवार शाम को पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत के गिरने से चार सदस्यीय एक परिवार ने 30 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बाद जान बचाई। इस हादसे में पांच लोगों की जान चली गई, जिनमें एक बच्ची भी शामिल थी, और 12 लोग घायल हो गए। इस भयानक दुर्घटना के बाद जब परिवार के सदस्य मलबे से बाहर निकाले गए, तो उन्होंने अपनी कठिन संघर्ष और जीवन बचाने की अदम्य इच्छाशक्ति को साझा किया।

प्लास्टिक की झिल्लीयों में पी रहे हैं चाय? किडनी की जाने लगी है जान, कर लें देसी उपाय, नही होंगे परेशान!

मदद के लिए बिजली के पाइप दी आवाज

मलबे में फंसे परिवार के सदस्य राजेश के अनुसार जब इमारत गिरी तो उनकी पहली प्रतिक्रिया थी कि अब कुछ नहीं बचा। हालांकि, उन्हें खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए हिम्मत जुटानी पड़ी। राजेश ने बताया कि उन्होंने और उनके परिवार ने 30 घंटे तक भूख और प्यास को शांत करने के लिए टमाटर खाकर समय बिताया। उनके छोटे बच्चों को भी इस कठिन परिस्थिति में बचाए रखा गया। राजेश ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी के सिर पर एक हैमर गिरने वाला था, लेकिन उन्होंने किसी तरह उसे बचा लिया। इसके बाद उन्होंने बिजली के पाइप के जरिए आवाज दी कि कोई उनकी मदद करे। एक कर्मचारी की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया। इस दौरान राजेश ने अपनी पत्नी गंगोत्री, छह साल के बेटे प्रिंस और तीन साल के बेटे रित्विक के साथ संघर्ष किया। मलबे में दबे परिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया, और उनके होश में आने के बाद उन्होंने अपनी जिंदा रहने की कहानी साझा की। यह घटना न केवल एक परिवार के अद्वितीय संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कभी भी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।

दिल्ली चुनाव के बीच चुनाव अरविंद केजरीवाल का चुनाव आयोग पर तंज, कहा- ‘मुझे सजा देना चाहता है आयोग’