Changes in NPS for Senior Citizens

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:
राष्ट्रीय पेंश्न योजना (NPS) में सरकार ने कुछ बदलाव किए हैं। जिससे वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी इसमें खाता खुलवाना आसान हो गया है। राष्ट्रीय पेंशन योजना कभी सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए ही होती थी लेकिन कुछ समय पहले सरकार ने इसका लाभ सभी को उठाने की अनुमति दे दी थी। NPS के तहत आप रिटायर होने के बाद अपनी आर्थिक सुरक्षा से निश्चिंत हो सकते हैं।
हाल में Senior Citizens के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना के नियमों में कुछ बदलाव हुए हैं, आइए जानते हैं कि क्या हैं नए नियम? नए नियमों के अनुसार, इसमें प्रवेश आयु को संशोधित कर 18 से 70 वर्ष तक कर दिया गया है। पहले यह 18 से 65 वर्ष तक था। इसलिए अब आप 70 वर्ष की उम्र में भी एनपीएस से जुड़ सकते हैं।

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What is NPS?

राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) लंबी अवधि की सेवानिवृत्ति निवेश योजना है। यह कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद मदद करती है और मासिक पेंशन के रूप में सुरक्षा कवर देती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए और भारत के नागरिक होने चाहिए। सेवानिवृत्ति के बाद, खाताधारक कुल राशि का 60% तक निकाल सकता है जो कि पूरी तरह टैक्स-फ्री है। हालाँकि, सेवानिवृत्ति के बाद मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए शेष 40% की राशि की पीएफआरडीए-पंजीकृत बीमा फर्मों से अनिवार्य रूप से एन्यूइटी खरीदनी होगी।

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Changes in NPS for Senior Citizens

Changes in NPS

सरकार के नए नियमों के मुताबिक अब 70 साल तक के नागरिक इस योजनासे जुड़ सकते हैं। पहले यह 65 उम्र तक के नागरिकों के लिए ही थी। दरसल, पीएफआरडीए ने अपने संशोधित दिशानिदेर्शों में प्रवेश आयु को बढ़ाकर 70 वर्ष कर दिया है जो कि पहले 65 वर्ष थी। जिन सब्सक्राइबर ने अपने एनपीएस खाते बंद कर दिए हैं, वे अब बढ़ी हुई आयु पात्रता मानदंडों के अनुसार नए एनपीएस खाते खोल सकते हैं।

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3 साल से पहले निकासी पर क्या होगा?

कोई ऐसा सब्सक्राइबर यदि तीन साल से पहले समय-पूर्व निकास होता है, तो सब्सक्राइबर को कम से कम 80% कॉर्पस का एन्यूइटी में उपयोग करना होगा। शेष बची राशि एकमुश्त निकाली जा सकती है। हालांकि, अगर कॉर्पस 2.5 लाख रुपए या उससे कम का है तो खाताधारक संपूर्ण संचित पेंशन निधि निकालने का पात्र होगा।

NPS में एन्यूइटी क्या है?

एन्यूइटी एक बीमा अनुबंध है, जो किसी व्यक्ति को आजीवन निश्चित आय प्रदान करता है। एनपीएस में पेंशन के लिए पीएफआरडीए-पंजीकृत बीमा फर्मों से एन्यूइटी प्लान खरीदने के लिए निश्चित राशि की जरूरत होती है। एन्यूइटी, एकमुश्त राशि को आय के एक निश्चित प्रवाह में परिवर्तित करके काम करती है। मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए सेवानिवृत्ति के समय 40% कॉर्पस से एन्यूइटी खरीदना अनिवार्य है।

After Changes in NPS निवेश करें या नहीं?

ऐसा कहा जाता है कि वरिष्ठ नागरिकों को ऐसे इंस्ट्रूमेंट में निवेश करना चाहिए जो उन्हें गारंटिड रिटर्न के साथ लिक्विडिटी की सुविधा भी दें। एनपीएस निवेश अवधि के दौरान और बाद में लॉक-इन के साथ आता है, साथ ही जब आप एन्यूइटी में अनिवार्य रूप से निवेश करते हैं तब भी। तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए लॉक-इन शर्तों के कारण लिक्विडिटी एक मुद्दा हो सकता है। दूसरे, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाए गए कई अन्य इंस्ट्रूमेंट जैसे कि गारंटीशुदा रिटर्न प्रदान करने वाले SCSC या PMVVY के विपरीत एनपीएस में NPS गारंटीशुदा नहीं है। तीसरा, वरिष्ठ नागरिकों द्वारा एनपीएस में निवेश करना उस युवा निवेशक की तुलना में उतना लाभप्रद नहीं हो सकता है, जिसे अपने पैसे पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए लंबी निवेश अवधि मिलती है। वरिष्ठ नागरिक की उम्र को ध्यान में रखते हुए, उनके पास अच्छा रिटर्न पाने के लिए निवेशित बने रहने के लिए बहुत कम समय होगा। इसके अलावा छोटी निवेश अवधि के दौरान बाजार की अस्थिरता से उनके रिटर्न को नुकसान भी हो सकता है।

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