Angarak Yoga Date: फरवरी से बनने वाला अंगारक योग अगले 39 दिनों तक कई राशियों की जिंदगी में हलचल ला सकता है. मंगल और राहु का यह संयोग करियर, पैसों और रिश्तों को लेकर अचानक मोड़ दे सकता है. खासकर मेष, मकर और मीन राशि वालों को थोड़ा संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है.हालांकि हर किसी के लिए यह समय एक जैसा नहीं होगा. कुछ के लिए यह ऊर्जा बदलाव और नई दिशा ला सकती है, तो कुछ के लिए यह परीक्षा का दौर बन सकता है. ऐसे में जल्दबाजी से बचना, धैर्य रखना और सोच-समझकर फैसले लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा.
क्या है अंगारक योग?
What is Angarak Yoga: ग्रहों की चाल में बदलाव अक्सर चर्चा का विषय बनता है, लेकिन इस बार ज्योतिषियों की नजर खास तौर पर 23 फरवरी पर टिकी है. इस दिन मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से राहु मौजूद है. जब मंगल और राहु एक ही राशि में आते हैं तो अंगारक योग बनता है. इसे ज्योतिष में उग्र और अस्थिर ऊर्जा का योग माना जाता है.
यह योग 23 फरवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक यानी पूरे 39 दिनों तक रहेगा. इस दौरान कुछ राशियों पर इसका असर ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है, खासकर मेष, मकर और मीन.
मेष राशि वालों के लिए 23 फरवरी के बाद परिस्थितियां अचानक बदल सकती हैं. करियर में दबाव बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर बहस, मतभेद या काम में रुकावट जैसी स्थिति बन सकती है. आर्थिक मामलों में भी सावधानी जरूरी रहेगी, क्योंकि अचानक खर्च बढ़ने या योजना बिगड़ने की संभावना है.सेहत के मामले में तनाव के कारण थकान या हल्की सूजन जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. नियमित दिनचर्या और संयम बहुत जरूरी रहेगा.
मकर राशि के लोगों को इस दौरान धन और पेशे से जुड़े मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है. निवेश या बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें, वरना नुकसान हो सकता है.कार्यक्षेत्र में प्रगति धीमी पड़ सकती है या दफ्तर की राजनीति बढ़ सकती है. इसका असर निजी रिश्तों पर भी दिख सकता है, खासकर वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है. सेहत में ऊर्जा की कमी या कमजोरी महसूस हो सकती है.
मीन राशि वालों के लिए यह समय मानसिक उलझन वाला हो सकता है. करियर को लेकर भ्रम या अस्थिरता की भावना पैदा हो सकती है. कुछ मामलों में नौकरी या व्यापार में रुकावट की आशंका भी जताई जा रही है.धन संबंधी मामलों में भरोसा सोच-समझकर करें. किसी पर आंख मूंदकर विश्वास करना परेशानी खड़ी कर सकता है. भावनात्मक तनाव भी बढ़ सकता है, इसलिए खुद को संतुलित रखना जरूरी होगा.
ज्योतिष के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस और क्रोध का कारक ग्रह है, जबकि राहु भ्रम, अचानक घटनाओं और अनिश्चितता से जुड़ा माना जाता है. जब ये दोनों एक साथ आते हैं तो बेचैनी, जल्दबाजी में फैसले और अस्थिरता बढ़ सकती है.कुंभ राशि में यह संयोग बनने से करियर, सामाजिक दायरा, लंबे समय की योजनाएं और पेशेवर छवि प्रभावित हो सकती है. हालांकि हर व्यक्ति पर इसका असर उसकी व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार अलग होता है.
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इस समय कुछ आध्यात्मिक उपाय करने की सलाह दी जाती है. नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना, सुंदरकांड सुनना या पढ़ना, मंगलवार का व्रत रखना, तांबे या लाल रंग की वस्तुओं का दान करना और गुड़ खिलाना शुभ माना जाता है.
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