Holika Dahan and Holi 2026 Date: इस बार चंद्र ग्रहण की वजह से होलिका दहन की तिथि को लेकर बेहद असमंजस था, लेकिन अब सभी ज्योतिषचार्य एक मत पर पहुंच चुके हैं. अब सवाल है कि आखिर, 2026 में पूर्णिमा तिथि और समय क्या है? भद्रा कब और उसका समय क्या है? चंद्रग्रहण कब और कितने बजे से कब तक लगेगा? इस बारे में India News को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
ज्योतिषाचार्य से जानिए, होलिका दहन, चंद्र ग्रहण और होली की सही डेट और मुहूर्त. (Canva)
Holika Dahan and Holi 2026 Date: तमाम अटकलों और कंफ्यूजन के बीच अब होली की तारीख तय हो गई है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस साल होलिका दहन 2 मार्च दिन सोमवार को किया जाएगा. क्योंकि, इस दिन प्रदोषकाल-व्यापिनी फाल्गुन पूर्णिमा है. 3 मार्च को चंद्रग्रहण रहेगा और इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगों वाली होली (धुलेंडी) खेली जाएगी. बता दें कि, तीन दिनों तक चलने वाले इस विशेष संयोग को लेकर श्रद्धालुओं और ज्योतिषाचार्यों में उत्साह चरम पर है. पहले चंद्र ग्रहण की वजह से होलिका दहन की तिथि को लेकर बेहद असमंजस था, लेकिन अब सभी ज्योतिषचार्य एक मत पर पहुंच चुके हैं. अब सवाल है कि आखिर, साल 2026 में होलिका दहन कब होगा? कब खेली जाएगी रंगों वाली होली? भद्रा कब और उसका समय क्या है? चंद्रग्रहण कब और कितने बजे से कब तक लगेगा? इस बारे में India News को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बारे पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5 बजकर 55 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि की समाप्ति 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगी. वहीं, 2 मार्च को भद्रा मुख मध्य रात्रि को 2 बजकर 38 मिनट से सुबह 4 बजकर 34 मिनट तक रहने वाला है. बता दें कि, होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा तिथि को ही किया जाता है. लेकिन, 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5 बजकर 7 मिनट तक ही है. लिहाजा होलिका दहन 3 मार्च को संभव नहीं सकता है.
ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी आगे कहते हैं कि, शास्त्रीय और आध्यात्मिक दोनों पहलुओं के अनुसार देखा जाए तो, होलिका दहन की रात से पहली होली (धुलंडी) इसकी राख से खेली जाती है. चूंकि, इस बार 3 मार्च को सुबह से ही चंद्र ग्रहण का सूतक लग रहा है. ऐसे में उदयातिथि को मानते हुए ग्रहण काल के बाद भी होलिका दहन किया जा सकता है.
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, अब होलिका दहन 2 मार्च 2026 को मनाया जा रहा है, इसलिए लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि भद्रा काल 2 मार्च को शाम 5 बजकर 58 मिनट पर शुरू होगा और 3 मार्च 2026 को सुबह 5 बजकर 30 मिनट तक चलने वाला है. सलाह दी जाती है कि होलिका दहन भद्रा काल से पहले किया जाए.
ज्योतिष गणना कहती है कि, 2 मार्च को होलिका दहन के ठीक अगले दिन यानी 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है. बता दें कि, 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से चंद्र ग्रहण आरंभ हो जाएगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त हो जाएगा. यहां ध्यान देने की बात यह है कि, चंद्र ग्रहण के समाप्त होने से पहले ही पूर्णिमा तिथि का समापन हो रहा है. अगर आप 3 मार्च को होलिका दहन कर रहे हैं तो आपको चंद्र ग्रहण के बाद होलिका दहन करना होगा.
रंगोत्सव चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है. इस बार 4 मार्च दिन बुधवार को रंगों वाली होली खेली जाएगी. इस दिन लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हैं और आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारे का संदेश देते हैं. खासकर मथुरा और वृंदावन की होली विश्वप्रसिद्ध है, जहां कई दिनों तक उत्सव का माहौल रहता है. यह पर्व होलिका के अंत और भक्त प्रहलाद की जीत के तौर पर एक दूसरे को रंग लगाकर मनाया जाता है.
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