India Kailash Mountains Guide: जब भी कैलाश पर्वत का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले तिब्बत में स्थित माउंट कैलाश की तस्वीर मन में उभरती है. हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का दिव्य निवास माना जाता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी ऐसे कई पर्वत हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के कारण 'कैलाश' का स्वरूप माना जाता है.
भारत में भी हैं भगवान शिव के 4 पवित्र कैलाश
India Kailash Mountains Guide: जब भी कैलाश पर्वत का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले तिब्बत में स्थित माउंट कैलाश की तस्वीर मन में उभरती है. हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का दिव्य निवास माना जाता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में भी ऐसे कई पर्वत हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के कारण ‘कैलाश’ का स्वरूप माना जाता है.
इनमें आदि कैलाश, किन्नर कैलाश, श्रीखंड महादेव और ओम पर्वत प्रमुख हैं. ये स्थान न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि रोमांच पसंद यात्रियों और प्रकृति प्रेमियों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हैं.
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित आदि कैलाश को ‘छोटा कैलाश’ भी कहा जाता है. मान्यता है कि यह भगवान शिव के निवास का प्रतीक स्वरूप है. यहां स्थित पार्वती सरोवर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है. यात्रा आमतौर पर धारचूला से शुरू होती है और सड़क मार्ग के साथ कुछ हिस्से में ट्रेकिंग भी करनी पड़ती है.
ओम पर्वत को अक्सर आदि कैलाश यात्रा का हिस्सा माना जाता है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्वत पर जमी बर्फ प्राकृतिक रूप से ‘ॐ’ का आकार बनाती दिखाई देती है. यही कारण है कि यह स्थान शिवभक्तों के लिए गहरी आस्था का केंद्र माना जाता है.
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित किन्नर कैलाश अपनी कठिन ट्रेकिंग और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है. यहां लगभग 79 फीट ऊंची प्राकृतिक शिला को शिवलिंग का स्वरूप माना जाता है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा करके यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं.
श्रीखंड महादेव को भी भगवान शिव से जुड़ा अत्यंत पवित्र तीर्थ माना जाता है. यहां करीब 72 फीट ऊंचा प्राकृतिक शिवलिंग स्थित है. यह हिमालय के सबसे चुनौतीपूर्ण धार्मिक ट्रेक में गिना जाता है. सावन के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
भारत में आदि कैलाश और किन्नर कैलाश सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं. वहीं ओम पर्वत और श्रीखंड महादेव भी शिवभक्तों के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं. हालांकि, धार्मिक दृष्टि से सबसे प्रमुख और मूल कैलाश तिब्बत (चीन के स्वायत्त क्षेत्र) में स्थित माउंट कैलाश ही माना जाता है, जिसे हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म में विशेष सम्मान प्राप्त है.
आदि कैलाश, ओम पर्वत, किन्नर कैलाश और श्रीखंड महादेव की यात्रा के लिए मई से सितंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. हालांकि मानसून के दौरान कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी और स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले स्वास्थ्य जांच कराना, गर्म कपड़े, मजबूत ट्रेकिंग जूते और जरूरी दवाइयां साथ रखना भी जरूरी है.
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