India News (इंडिया न्यूज), Ramayana Shri Ram: रामायण की कथा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है भगवान राम का रावण से युद्ध, जो राम के जीवन के एक निर्णायक पल को दर्शाता है। इस युद्ध की परिस्थितियों और भगवान राम की उम्र पर कई बातें प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं से प्राप्त होती हैं।

वनवास और रावण से युद्ध

वाल्मीकि रामायण के अनुसार, भगवान राम ने अपने पिता राजा दशरथ के वचन का पालन करते हुए 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया था। इस दौरान उन्होंने रावण का वध किया।

वनवास की उम्र: भगवान राम ने लगभग 27 वर्ष की आयु में वनवास शुरू किया था। युद्ध के समय की उम्र: वनवास के दौरान रावण से युद्ध के समय भगवान राम की उम्र लगभग 38 से 40 वर्ष के बीच मानी जाती है।

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अयोध्या वापसी और राजपाट

वनवास पूरा करने के बाद, भगवान राम लगभग 41 वर्ष की उम्र में अयोध्या वापस लौटे और राजपाट संभाला।

राज्य काल की अवधि

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम ने अयोध्या में लगभग 11000 वर्षों तक शासन किया। हालांकि, यह अवधि ऐतिहासिक और यथार्थता से अधिक धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता पर आधारित है।

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इतिहास और मान्यता

भगवान राम की उम्र और उनकी शासनकाल की अवधि को लेकर विभिन्न ग्रंथों और मान्यताओं में भिन्नताएँ हो सकती हैं। वाल्मीकि रामायण और अन्य पुराणों में वर्णित आंकड़े ऐतिहासिक सटीकता के बजाय धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकात्मकता को दर्शाते हैं।

अंततः, भगवान राम की उम्र और उनके शासनकाल की सटीकता को लेकर कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह जानकारी प्राचीन ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित है और विभिन्न स्रोतों के अनुसार इसमें भिन्नता हो सकती है।

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Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इंडिया न्यूज इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।