<
Categories: धर्म

Surya Grahan: सूर्य ग्रहण से जुड़ी अंधविश्वासों की कहानी, क्या सच में अशुभ होता है यह खगोलीय घटना या सिर्फ सदियों पुरानी मान्यताओं का असर?

Surya Grahan 2026: जब भी आसमान में सूर्य ग्रहण की बात होती है, लोगों के मन में उत्सुकता के साथ-साथ एक हल्का सा डर भी जाग जाता है. विज्ञान इसे सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से जुड़ी एक सामान्य खगोलीय घटना मानता है, लेकिन परंपराओं और ज्योतिष में इसे अक्सर अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है. यही वजह है कि ग्रहण लगते ही लोग तरह-तरह के नियमों और सावधानियों की चर्चा करने लगते हैं ,क्या ग्रहण के समय बाहर निकलना चाहिए? क्या भोजन करना ठीक है? क्या गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए? आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण से जुड़ी अंधविश्वासों और सदियों पुरानी मान्यताओं के बारे में.

 Surya Grahan 2026: सूर्य ग्रहण हमेशा से लोगों के लिए रहस्य और डर का विषय रहा है. जब दिन के समय अचानक सूरज आंशिक या पूरा ढक जाता है, तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में सवाल उठते हैं. आज विज्ञान बता चुका है कि यह एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन इतिहास में अलग-अलग संस्कृतियों ने इसे अपने तरीके से समझाया.पुराने समय में लोगों को यह समझ नहीं था कि सूर्य ग्रहण कैसे होता है. इसलिए उन्होंने इसके पीछे अलग-अलग कहानियां गढ़ लीं. कई जगह माना जाता था कि कोई दानव, जानवर या देवता सूरज को निगल जाता है.

आज भी कई जगह सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है. कुछ लोग इसे मौत, आपदा या दुर्भाग्य का संकेत मानते हैं. भारत सहित कई देशों में गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है. कुछ लोग ग्रहण के दौरान खाना नहीं बनाते या उपवास रखते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उस समय बना भोजन अशुद्ध हो जाता है.

सूर्य ग्रहण से जुड़ी राहु-केतु की पौराणिक कथा

भारतीय पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत निकला तो देवताओं और दैत्यों में उसे पाने की होड़ मच गई. तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर अमृत बांटने का निर्णय लिया. इसी दौरान स्वरभानु नामक एक असुर देवताओं के बीच बैठकर अमृत पीने लगा.सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान कर ली और विष्णु को इसकी सूचना दी. तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया. लेकिन अमृत का सेवन कर लेने के कारण वह अमर हो चुका था. उसका सिर ‘राहु’ और धड़ ‘केतु’ कहलाया. मान्यता है कि सूर्य और चंद्रमा से शत्रुता के कारण राहु-केतु समय-समय पर उन्हें निगलने की कोशिश करते हैं, जिससे ग्रहण लगता है.

दुनिया भर में प्रचलित अजीबोगरीब मान्यताएं

सिर्फ भारत ही नहीं, अन्य देशों में भी सूर्य ग्रहण को लेकर रोचक कथाएं मिलती हैं.

  • प्राचीन चीन में यह विश्वास था कि एक विशाल अजगर सूर्य को निगल जाता है. ग्रहण के समय लोग ढोल-नगाड़े बजाकर शोर मचाते थे ताकि अजगर डरकर सूर्य को छोड़ दे.
  • नॉर्डिक पौराणिक कथाओं में एक विशाल भेड़िया सूर्य का पीछा करता है और उसे निगलने की कोशिश करता है. इसे ही ग्रहण का कारण माना जाता था.
  • मैक्सिको की कुछ पारंपरिक मान्यताओं में यह कहा जाता था कि यदि गर्भवती महिला सूर्य ग्रहण देख ले, तो उसके होने वाले बच्चे पर निशान पड़ सकता है.
  • वियतनाम की एक लोककथा के अनुसार, एक विशाल मेंढक सूर्य को निगल लेता है और फिर उसे वापस उगलता है, जिससे ग्रहण समाप्त होता है.
  • ईसाई परंपराओं में भी कुछ लोग सूर्य ग्रहण को ईश्वर की चेतावनी या भविष्य में आने वाले बड़े बदलाव का संकेत मानते रहे हैं.

वैज्ञानिक नजरिया

वैज्ञानिकों के अनुसार सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और कुछ समय के लिए सूर्य की रोशनी को ढक देता है. इसका इंसानों के स्वास्थ्य, व्यवहार या भाग्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता.हालांकि, एक जरूरी सावधानी जरूर है,सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से नहीं देखना चाहिए. सही सुरक्षा चश्मे का उपयोग करना जरूरी है, वरना आंखों को नुकसान हो सकता है.आज के वैज्ञानिक दौर में यह स्पष्ट है कि सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक और खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. फिर भी परंपराएं और लोककथाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं.

Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. INDIA News इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

मैच से पहले सुबह 3-4 बजे मंदिर दर्शन, सचिन तेंदुलकर का अनोखा मैच रिचुअल, जिसे 2013 तक निभाया

Sachin Tendulkar: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने एक बार बताया था…

Last Updated: March 10, 2026 09:38:06 IST

How To Clear Gmail Storage: Gmail का स्टोरेज हो गया है फुल तो अपनाएं यह उपाय, फोन की भी बड़ जाएगी स्पीड

How To Clear Gmail Storage: आजकल Gmail अकाउंट हमारी डिजिटल जिंदगी का एक अहम हिस्सा…

Last Updated: March 10, 2026 09:37:18 IST

क्रिकेट फैंस की क्रिएटिविटी को सलाम, Rohit Sharma की आवाज पर खुलती है इस लड़की की नींद, देखें अनोखी वीडियो!

Rohit Sharma Morning Alarm Video: यह वाकया तब सामने आया जब रीतिका नाम की एक…

Last Updated: March 10, 2026 09:39:50 IST

Sehri/Iftar Time: आज इफ्तार और 11 मार्च का सेहरी टाइम क्या है? इस्लामिक कैलेंडर से नोट करें अपने शहर का समय

Ramadan 2026 Today Sehri/Iftar time: रमजान में सेहरी और इफ्तार का बहुत महत्व होता है.…

Last Updated: March 10, 2026 09:24:58 IST

Uttam Nagar Holi Murder Case: दिल्ली में तरुण कुमार की हत्या पर चीख पड़े शिखर धवन, कहा- छोटी सी बात पर इतनी बड़ी हिंसा…

Uttam Nagar Holi Murder Case: दिल्ली के उत्तम नगर में तरुण कुमार की पीट-पीटकर हत्या…

Last Updated: March 10, 2026 08:52:11 IST

मुरादाबाद में करणी सेना नेता और डॉक्टर के बीच ‘थप्पड़बाज़ी’, क्लिनिक बना अखाड़ा, सरेआम मारपीट का वीडियो वायरल!

Karni Sena Vice President Fight: यह मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले का है, जहां…

Last Updated: March 10, 2026 08:56:21 IST