India News (इंडिया न्यूज), Bhavishya Malika 2024: महान संत अच्युतानंद महाराज और उनके चार साथियों द्वारा करीब 500-600 साल पहले लिखे गए भविष्य मालिका ग्रंथ में कई भविष्यवाणियां हैं, जो आज तक सच हुई हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख भविष्यवाणी 7 दिन के अंधकार को लेकर है, जिसने आज पूरी दुनिया को डरा रखा है। दरअसल, भविष्य मालिका ग्रंथ में संत अच्युतानंद महाराज ने लिखा है कि एक समय ऐसा आएगा, जब पूरी दुनिया 7 दिनों के अंधकार में डूबी रहेगी। इस दौरान ना तो सूर्य का प्रकाश होगा और ना ही चांद की रोशनी और मोबाइल, टीवी आदि बिजली के उपकरण भी काम करना बंद कर देंगे। इस अंधकार के कारण ना सिर्फ इंसान बल्कि पशु-पक्षी भी परेशान होंगे। जंगली जानवर घरों में घुसकर इंसान की जान को खतरे में डाल देंगे।
संत अच्युतानंद महाराज की भविष्यवाणी के अनुसार, यह घटना तब घटेगी जब मीन कृष्ण चतुर्दशी होगी और उस दिन शुक्रवार होगा। इस दौरान ना तो दिन में सूर्य दिखाई देगा और ना ही रात में चंद्रमा दिखाई देगा।
क्या ऐसा सत्ययुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग में भी हुआ था?
भविष्य मालिका में बताया गया है कि ऐसा सिर्फ कलियुग में ही नहीं, बल्कि इससे पहले सत्ययुग, त्रेतायुग और द्वापरयुग में भी हो चुका है। बताया गया कि सत्ययुग में जब भगवान विष्णु ने मुरासुर का वध किया था, तब 7 दिनों तक अंधकार छाया रहा था। वहीं, त्रेतायुग में जब लक्ष्मण जी युद्ध भूमि में मूर्छित हो गए थे और हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने गए थे, तब भी सात दिनों तक अंधकार छाया रहा था। इसी तरह द्वापरयुग में भी जब भगवान कृष्ण और बलराम जरासंध से बचने के लिए गुफा में छिप गए थे, तब भी सात दिनों तक अंधकार छाया रहा था।
इस वजह से हुआ अंधकार
इस अंधकार का मुख्य कारण मनुष्यों द्वारा फैलाया जा रहा प्रदूषण और धरती पर बढ़ता तापमान है। ओजोन परत को हो रहे नुकसान के कारण सूर्य की तीव्रता लगातार बढ़ रही है और आने वाले समय में यह स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। तब सूर्य देव अपनी ऊर्जा को ठंडा करने के लिए सात दिनों तक शांत रहेंगे और इस दौरान पूरी दुनिया अंधकार में डूबी रहेगी।
अंधकार के बाद शुरू होगा एक नया युग
जब अंधकार के ये सात दिन खत्म होंगे तो एक नई सुबह के साथ सतयुग का आगमन होगा। सूर्य और चंद्रमा की रोशनी पहले से ज्यादा तेज और ठंडी होगी। इस नए युग में मनुष्य एक-दूसरे के साथ प्रेम और शांति से रहेंगे। हालांकि, इस नए युग के आगमन से पहले मानव जाति को महाविनाश का सामना करना पड़ेगा, जिसमें प्राकृतिक आपदाएं, जानवरों के हमले और एक भयानक युद्ध शामिल होगा।
इस युद्ध में भगवान कल्कि जो विष्णु के अंतिम अवतार होंगे, कलियुग के राक्षसों का नाश करेंगे और भगवान की पूजा करने वालों को इस नए युग में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा। भविष्य मालिका की यह भविष्यवाणी इस बात की चेतावनी है कि आने वाले समय में दुनिया को बड़े संकटों का सामना करना पड़ सकता है। मानव जाति को यह समझना होगा कि प्रकृति और पर्यावरण के साथ सामंजस्य बिठाकर ही हम बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकते हैं।