Saturday, October 23, 2021
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Gehlot Attacked the Modi Government: गहलोत लौटे अपने पुराने रूप में, मोदी सरकार पर साधा निशाना

अजीत मैंदोला, जयपुर:
Gehlot Attacked the Modi Government: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कोयला संकट से लेकर लखीमपुर खीरी कांड पर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी (Gehlot Attacked the Modi Government) को जमकर आड़े हाथों लिया। कोरोना और बीमारी से बाहर निकलने के बाद गहलोत आज अपने पुराने रूप में दिखाई दिये। लगातार अफसरों के साथ मीटिंग, जनहित के तुरंत फैसले करना, उसके साथ राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष को निशाने पर लेने से नही चूक रहे हैं।

लंबे समय बाद पत्रकारों से रूबरू होते ही गहलोत ने कोयले मुद्दे पर केंद्र को तो घेरा (Gehlot Attacked the Modi Government) ही साथ ही दिल्ली में उनकी सरकार के खिलाफ की गई पीसी को लेकर भी बीजेपी पर जबर्दस्त हमला (Gehlot Attacked the Modi Government) बोला। लखीमपुर खीरी की तुलना राजस्थान की घटनाओं से करने पर गहलोत ने कहा बीजीपी (Gehlot Attacked the Modi Government) वाले बेवकूफी कि बातें करते हैं। पेश हैं उनसे पूछे गए सवालों के जवाब-

Gehlot Attacked the Modi Government and Delhi Gocernment

सवाल – बिजली संकट पर आप का क्या कहना है।
गहलोत-देखिए ये कोई विवाद का विषय नहीं होना चाहिए। पूरे देश के अंदर विशेष रूप से नॉर्थ इंडिया के अंदर बड़ा क्राइसिस है। यह संकट और बड़ा हो सकता है। क्राइसिस और आगे बढ़े उससे पूर्व केंद्र सरकार (Gehlot Attacked the Modi Government) को सभी राज्यों को सहयोग करना चाहिए। अधिकांश राज्य बिजली संकट को लेकर केंद्र सरकार (Gehlot Attacked the Modi Government) को कन्वे कर चुके हैं। ये संकट कितना बड़ा होगा कोई नहीं कह सकता। कोल इंडिया को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर के राज्यों से बातचीत करे। क्या रिक्वायरमेंट है, क्या उनकी दिक्कत है का पता करे।

कोल माइन्स में बरसात से पानी भर गया एक कारण हो सकता है। पर जहां तक मुझे जानकारी मिली है, कई जो प्लांट थे जो कॉन्ट्रेक्टर थे उनके, वो कॉन्ट्रेक्टर खुद ही फेल हो गए। तो ये क्राइसिस पूरी कंट्री में है, करीब-करीब सभी राज्यों में है। देश की राजधानी दिल्ली में ब्लैक आउट का संकट बना है। चीन में पूरा क्राइसिस है, यूरोप में क्राइसिस है। कोयले के जो दाम हैं दुनिया के मुल्कों में, इंडोनेशिया सहित, वो 4-5 गुना ज्यादा बढ़ गए हैं और बढ़ने के बावजूद भी कोयला मिल नहीं रहा है।

सवाल – क्या किया जाना चाहिये।
गहलोत- दाम बढ़ गए, कोयला अवेलेबल नहीं है फिर भी, स्थिति बड़ी अजीबोगरीब बन रही है, सुनकर ही आश्चर्य होता है कि कोई कहे कि अगर मार्च के अंदर। मार्च तक ये कोल का संकट रहेगा, ये सुनकर ही हमें आश्चर्य होता है और दु:ख होता है, तो ऐसे वक्त में केंद्र सरकार की जिम्मेदारी बनती है बहुत बड़ी कि तमाम राज्यों को संकट से निकाले। 500 करोड़ बकाया है, 600 करोड़ बकाया है, ये तो बहुत मामूली बातें हैं। जहां करोड़ों-अरबों रुपए का कोयला बिकते हैं और खरीदते हैं, वहां 500 करोड़ रुपए क्या मायने रखते हैं? इस प्रकार की खबरें देने का कोई फायदा नहीं है।

केंद्र (Gehlot Attacked the Modi Government) की जिम्मेदारी है और मुझे उम्मीद है कि जो केंद्रीय ऊर्जा मंत्री हैं, वो सक्षम हैं। मुझे उम्मीद है कि वो जिस प्रकार से को-आॅर्डिनेट कर रहे हैं राज्यों को बिजली को लेकर, वो कोई हल निकालेंगे, बजाय इसके कि हम लोग राज्यों के ऊपर जिम्मेदारी डाल दें कि कोई कमी नहीं है कोयले की ये कहना ही मैं समझता हूं कि बेईमानी है पूरी तरह। कोयले की कमी है, सबको मालूम है, राज्य संकट में हैं और उस संकट से निकालने की जिम्मेदारी केंद्र की बनती है।

सवाल- अजय मिश्रा को बर्खास्त नहीं किया गया अभी तक लखीमपुर मामले में?
गहलोत- इसीलिए तो कांग्रेस लगातार आन्दोलन कर रही है। हमारी नेता प्रियंका गांधी को खुद सड़को पर उतर कर धरने पर बैठना पड़ रहा है। देश के अंदर सब राज्यों में आन्दोलन हो रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार (Gehlot Attacked the Modi Government) आंखे मूंदे बैठी है। लखीमपुर खीरी जैसी घटना दिल दहलाने वाली है।

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बेकसूर किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया। ऐसा कभी नहीं देखा हमने आज तक। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को क्या इस घटना का मालूम नही है? आज प्रधानमंत्री (Gehlot Attacked the Modi Government) कह कर रहे हैं कि राज्यों में भेदभाव नहीं होना चाहिए, कौन कहता है भेदभाव होना चाहिए? हम भी कहते हैं कि कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए और जहां हिंसा होती है, उसकी निंदा सबको करनी चाहिए।

सवाल – मैरिज एक्ट में अमेंडमेंट किया था, राज्यपाल ने रोक लिया, अब आपने कहा है कि हमें वापस भेज दें, क्या सरकार इसको नए सिरे से बनाने जा रही है?
गहलोत- हम वापस उसको मंगा रहे हैं, हमारी कोई प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है। एक सुप्रीम कोर्ट का निर्णय था कि जिनकी शादी हो जाती है, उनके बाद में उनके बच्चों को आने वाले वक्त में तकलीफ नहीं हो, इसलिए रजिस्ट्रेशन कंपल्सरी होना चाहिए सभी शादियों का, इसलिए वो बिल लाया गया, पास किया गया। अगर उसको लेकर इश्यू बन गया देश के अंदर, या कोई खामी है, हमारी कोई प्रेस्टीज की बात नहीं है, कोई दिक्कत नहीं है हम लोगों को।

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सवाल – बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है
गहलोत- बहुत ही अच्छी बात है कि वैक्सीन 2 से 18 साल के बच्चों के लिए भी आज मंजूर हुई है। मैं उम्मीद करता हूं कि तमाम प्रदेश और देश के लोग आगे आएंगे और बच्चों को वैक्सीन लगाने का काम तेज गति से बढ़ेगा। जिससे कि थर्ड वेव जो कहते हैं कि बच्चों के लिए आएगी, वो हमारे मुल्क में नौबत ही नहीं आए, राजस्थान कोई कमी नहीं रखेगा। पहले भी हमने वैक्सीन में बहुत ही बड़ी उपलब्धि हासिल की है, आज देश में 3-4 राज्यों में राजस्थान है, उसी रूप में बच्चों की वैक्सीन में भी हम आगे निकलेंगे ये मैं कह सकता हूं।

सवाल – एक हनुमानगढ़ की घटना को लखीमपुर की घटना से कम्पेयर किया जा रहा है?
गहलोत- ये बेवकूफ लोग हैं, कोई बेवकूफों की कमी है क्या देश के अंदर? बीजेपी (Gehlot Attacked the Modi Government) वाले बेवकूफी कर रहे हैं। देश के अंदर भी और प्रदेश के अंदर भी, बिना मतलब कंपेयर करते हैं। बार-बार कहते हैं कि प्रियंका गांधी को, राहुल गांधी को राजस्थान में क्यों नहीं आना चाहिए? राजस्थान में सरकार हमारी है।

आप रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कहो, आप गृहमन्त्री अमित शाह (Gehlot Attacked the Modi Government) को कहो, वो आकर देखें यहां पर। विपक्ष की सरकारें जहां हैं या सरकारें सत्तापक्ष की हैं यूपी हो चाहे वहां हम लोग जाएंगे, विपक्ष के लोग हैं हम लोग।

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ऐसी बेवकूफी की बातें बोलते। मैं पहली बार नेताओं को देख रहा हूं जो मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बने बैठे हैं, वो ऐसी बेवकूफी की बातें कर रहे हैं कि राजस्थान में प्रियंका गांधी, राहुल गांधी क्यों नहीं आते हैं? वो तो उनकी सरकार है वहां पर तो, वो वहां जाएंगे जहां सत्ता पक्ष की सरकारें हैं। हमारे यहां प्रधानमंत्री (Gehlot Attacked the Modi Government) को आना चाहिए, गृह मंत्री को आना चाहिए, जेपी नड्डा को आना चाहिए, देखिए जाकर हनुमानगढ़ में क्या हुआ, किस प्रकार क्यों घटना हुई, क्यों लिंचिंग हुई, हम तो उसकी निंदा करते हैं।

हमने अविलंब कार्रवाई की, उनको सबको पकड़ लिया, फिर भी टीम भेज रहे हैं यहां से। ऐसे मूर्ख लोग बन गए हैं इनके पदाधिकारी, जिनको इतना ही नहीं सेंस है कि किस प्रकार की घटना में क्या किया जाता है। एक आदमी उनके घर गया नहीं पहले, जो आदमी मारा गया उनके घर पर कोई नहीं गया, जाकर वहां पर बैठते ये लोग, मालूम पड़ता इनको, खाली यहां बैठे-बैठे अखबारबाजी करते रहते हैं, और तो और सोशल मीडिया पर कमेंटबाजी करते रहते हैं।

सवाल- आज तीन विधायकों को बीजेपी ने भेजा है पीलीबंगा, मदन दिलावर,?
गहलोत- यही तो मूर्खता है, जब जान गयी थी किसी व्यक्ति की, उसी दिन भेज देते, हकीकत मालूम पड़ जाती, तो ये डेलिगेशन भेजने की जरूरत ही नहीं पड़ती, यही तो मूर्खता है उनकी।

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