Osteoarthritis Pain Relief Injection: आज बड़ी संख्या में लोग ओस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) बीमारी से जूझ रहे हैं. सामान्य भाषा में इसे घुटनों का दर्द या गठिया के नाम से जाना जाता है. इससे राहत पाने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड और हाइल्यूरोनिक एसिड के इंजेक्शन दिए जाते हैं. लेकिन इन दोनों में बेहतर कौन? इस बारे में जानकारी दे रही हैं पेन कंसलटेंट डॉ. भुवना आहुजा-
Osteoarthritis Pain Relief Injection: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल सेहत को चूना लगाने के लिए काफी है. इसी का नतीजा है कि, आज कम उम्र के लोगों में बुढ़ापे वाली बीमारियां देखी जा रही हैं. ओस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) इनमें से एक है. सामान्य भाषा में इसे घुटनों का दर्द या गठिया के नाम से जाना जाता है. यह बीमारी ज्यादा तक 50 से ऊपर के लोगों में देखी जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो, ओस्टियोआर्थराइटिस बहुत ही दर्दनाक बीमारी है. इस बीमारी में घुटनों का दर्द इस कदर हावी हो जाता है कि सहन करना मुश्किल हो जाता है. चलना फिरना तो दूर उठना-बैठना तक मुश्किल हो जाता है. यही नहीं, अगर बीमारी हद से ज्यादा बढ़ जाए तो घुटना बदलवाने की भी जरूरत पड़ सकती है. घुटनों के दर्द से पीड़ितों को राहत के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड और हाइल्यूरोनिक एसिड के इंजेक्शन दिए जाते हैं. अब सवाल है कि, क्या ये सच में परेशानी का हल हैं? ऑस्टियोआर्थराइटिस पेन की समस्या क्यों होती है? स्टेरॉयड इंजेक्शन या हायल्यूरॉनिक एसिड में बेहतर क्या है? इस बारे में India News को जानकारी दे रही हैं एलएनजेपी हॉस्पिटल दिल्ली की सीनियर पेन कंसल्टेंट डॉ. भुवना आहुजा.
डॉ. भुवना बताती हैं, ऑस्टियोआर्थराइटिस की स्थिति में जोड़ों के बीच को सपोर्ट करने वाला गद्देदार कार्टिलेज घिस जाता है, जिससे हड्डियां एक-दूसरे से टकराने लगती हैं. ऐसा होने से कोई भी काम करते समय दोनों घुटने घिसने लगते हैं, जिसके कारण असहनीय दर्द शुरू हो जाता है. इस स्थिति में चलना-फिरना तो दूर उठना बैठना तक दूभर हो जाता है. घुटनों में स्टीफनेस आ जाता है. यहां तक कि घुटनों के ऊपर सूजन होने लगती है. ऑस्टियोआर्थराइटिस में दर्द से मुक्ति के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड और हाइल्यूरोनिक एसिड के इंजेक्शन दिए जाते हैं. लेकिन क्या यह कारगर है, इसे लेकर दो अध्ययन हुए हैं.
डॉक्टर की मानें तो, घुटनों के दर्द के लिए हाइल्यूरोनिक एसिड ज्यादा सही है. दरअसल, कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन से 5 से 7 सप्ताह तक ऑस्टियोआर्थराइटिस का दर्द रुक सकता है. साथ ही, इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं. यही नहीं, 2017 के एक अध्ययन में पता चला कि बार-बार कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन लेने से इसका प्रभाव उतना असरदार नहीं था जितना अन्य तरह के इंजेक्शन लेने से हुए. वहीं ऑस्टियोआर्थराइटिस बीमारी और बढ़ती ही चली गई. वहीं, हाइल्यूरोनिक एसिड के इंजेक्शन से लंबे समय तक दर्द को कम करने में मदद मिलती है. इस स्थिति में आप चाहें तो पीआरपी थेरेपी, जेनेक्लुर थेरेपी भी ले सकते हैं.
डॉक्टर बताती हैं कि, कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन कुछ समय के लिए भले ही दर्द को कम कर दें लेकिन लंबे समय तक इसका कोई प्रभाव नहीं होता है. इसलिए घुटनों में दर्द होने या ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द से निजात पाने के लिए एक्सरसाइज ही सबसे बेस्ट है.
UP ATS action Lucknow: यूपी ATS ने पाकिस्तानी हैंडलर्स और कट्टरपंथी समूहों के इशारे पर…
Himachal Accident News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में पर्यटकों से भरी एक ट्रैवलर गहरी खाई…
Nashik Extortion Case Twist: सतपुर इलाके से शुरू हुए एक रंगदारी (extortion) के मामले ने…
Himanta Biswa Sarma Profile: असम में विधानसभा चुनाव को लेकर 9 अप्रैल को वोट डाले…
dacoit trailer, Dacoit A Love Story, Dacoit Arrested, Dacoit movie, dacoit ek prem katha, dacoit…
Mouth ulcers sign: आमतौर पर माना जाता है कि, जीभ पर सफेद छाले पेट की…