Friday, December 3, 2021
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Surya Namaskar सर्दियों में सूर्य नमस्कार कर बढ़ाएं इम्यून सिस्टम की मजबूती

Surya Namaskar सर्दियों का मौसम आ गया है ऐसे में शरीर को एक्टिव रखने और स्वस्थ रहने के लिए योगासन करना आपकी दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। योगासन न सिर्फ आपको स्वस्थ रखता बल्कि आपको मानसिक शांति भी प्रदान करता है। इससे आपके शरीर में लचीलापन भी आता है।

सूर्य नमस्कार शरीर को स्ट्रोंग बनाने के साथ-साथ मेंटल हेल्थ के लिए भी अच्छा योगाभ्यास है। इसे नियमित तौर पर करने से कई रोगों को दूर भगाया जा सकता है। सर्दियों में हर दिन सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप्स करने से बहुत फायदा होता है। इसका अभ्यास सुबह खाली पेट किया जाता है।

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से पाचन बेहतर होता है और कब्ज की दिक्कत दूर होती है। साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए भी ये आसन किया जाता है। इस अभ्यास को करने से पहले सूक्ष्म व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। साथ ही श्वास-प्रश्वास का ध्यान भी रखें।

प्रणामासन (Surya Namaskar)

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और अपने दोनों को पैरों को मिला लें। इस दौरान अपनी कमर सीधी रखें. अब हाथों को अपने सीने के पास लाएं और प्रणाम करें।

हस्तउत्तनासन (Surya Namaskar)

प्रणामासन में खड़े होकर अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और सीधा रखें। अब अपने हाथों को प्रणाम करने की मुद्रा में ही पीछे की करफ ले जाएं और अपनी कमर को पीछे की तरफ झुका लें।

पादहस्तासन (Surya Namaskar)

पादहस्तासन करने के लिए धीरे-धीरे सांस छोड़ें। अब आगे की ओर झुकते हुए अपने हाथों से पैरों की उंगलियों को छुएं। इस मुद्रा में आपका सिर घुटनों से मिल जाएगा।

अश्व संचालनासन (Surya Namaskar)

इस आसन के लिए राइट पैर पीछे की ओर ले जाएं। इस पैर का घुटना जमीन से छूना है। इस दौरान दूसरे पैर को मोड़ें। अपनी हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें और ऊपर सिर रखकर सामने की ओर देखें।

दंडासन (Surya Namaskar)

इस आसान को करते समय अपने दोनों हाथों और पैरों को सीधा और एक ही लाइन में रखें। इसके बाद पुश-अप करने की अवस्था में आ जाएं।

अष्टांग नमस्कार (Surya Namaskar)

अब अपनी हथेलियों, चेस्ट, घुटनों और पैरों को जमीन से सटाएं। अब इस अवस्था में रहें।

भुजंगासन (Surya Namaskar)

इस अभ्यास के लिए अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें और पेट को जमीन से सटाते हुए गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं।

अधोमुख शवासन (Surya Namaskar)

अधोमुख शवासन को पर्वतासन भी कहा जाता है। इसके के लिए अपने पैरों को जमीन पर सीधा रखें। अब कूल्हे को ऊपर की ओर उठा लें। अपने कंधों को सीधा रखें और मुंह को अंदर की तरफ रखें।

अश्व संचालनासन (Surya Namaskar)

इसके लिए अपने राइट पैर पीछे की ओर ले जाएं। ध्यान रहे कि घुटना जमीन से मिलना चाहिए। अब अपने दूसरे पैर को मोड़े और हथेलियों से जमीन को छुएं। सिर को आसमान की ओर रखें।

पादहस्तासन (Surya Namaskar)

एकबार फिर इस योगाभ्यास के लिए आगे की ओर झुककर हाथों से पैरों की उंगलियों को छुएं। इस दौरान आपको अपना सिर घुटनों से मिलाना है।

हस्तउत्तनासन (Surya Namaskar)

इस आसन को अर्धचंद्रासन भी कहा जाता है। अब प्रणामासन में खड़े होकर अपने हाथों को सिर के ऊपर उठा लें और सीधा रखें। अब हाथों को प्रणाम करने की मुद्रा में ही पीछे की ओर ले जाएं। अपनी कमर को पीछे की तरफ झुका लें।

प्रणामासन (Surya Namaskar)

अंत में आपको फिर से प्रणामासन करना है। ध्यान रहे कि योगाभ्यास अपनी क्षमता अनुसार ही करना है। इस दौरान श्वास-प्रश्वास और व्यायाम से जुड़े विशेष नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

इसी के साथ सही मात्रा में सही पोषण लेना भी आवश्यक है। आप सूक्ष्म व्यायाम के जरिए ही आसानी से अपनी सेहत का ख्याल रख सकते हैं। साथ ही बड़े आसनों के लिए अपने शरीर को तैयार भी कर सकते हैं।

(Surya Namaskar)

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Mukta
Sub-Editor at India News, 7 years work experience in punjab kesari as a sub editor, I love my work and like to work honestly
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