India News (इंडिया न्यूज), Health Benefits Of Fasting: “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।” यह श्लोक देवी मां की महिमा का प्रतीक है। चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होते ही लोग देवी मां की उपासना और व्रत में डूब जाते हैं। भारतीय संस्कृति में त्योहारों के साथ उपवास रखने की परंपरा सदियों पुरानी है। यह न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
उपवास और स्वास्थ्य का संबंध
व्रत के दौरान उल्टा-सीधा खाने से शरीर को जो ब्रेक मिलता है, वह शरीर की मशीनरी को रेस्ट देता है और ऊर्जा को पुनः संचित करने में मदद करता है। शोध बताते हैं कि इंटरमिटेंट फास्टिंग टाइप-2 डायबिटीज को रिवर्स करने में मदद कर सकती है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग के फायदे:
- पैंक्रियाज की सक्रियता: इंसुलिन का उत्पादन बढ़ता है।
- ब्लड शुगर का नियंत्रण: ब्लड शुगर को रेगुलेट करने में मदद मिलती है।
- वजन घटाना: वजन कम होने से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है।
डायबिटीज और उपवास: क्या ध्यान रखें?
डायबिटीज के मरीजों के लिए व्रत करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। गलत डाइट या लंबे समय तक भूखे रहने से शुगर लेवल कम या ज्यादा हो सकता है।
व्रत में ब्लड शुगर लेवल का उतार-चढ़ाव:
- ग्लूकोज का स्तर कम होना (हाइपोग्लाइसीमिया):
- लक्षण: पसीना आना, शरीर में कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना।
- कारण: लंबे समय तक खाली पेट रहना।
- ग्लूकोज का स्तर बढ़ना:
- लक्षण: थकान, अधिक पेशाब आना, सिरदर्द।
- कारण: अधिक मीठा या तली-भुनी चीजें खाना।
डायबिटीज के मरीजों के लिए व्रत की गाइडलाइन्स
क्या खाएं:
- कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की रोटी दही के साथ।
- खीरा, करेला, टमाटर का जूस।
- लौकी का सूप और सब्जी।
- रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर।
क्या न खाएं:
- अधिक मीठे और तले-भुने पकवान।
- सफेद चावल और जंक फूड।
व्रत में योग और आयुर्वेदिक उपाय:
- योगासन: मंडूकासन, योगमुद्रासन, वक्रासन और भुजंगासन।
- आयुर्वेद: गिलोय का काढ़ा, लहसुन की 2 कली सुबह खाली पेट।
नई स्टडी का खुलासा
चीन में की गई एक स्टडी के अनुसार, 3 महीने तक इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से 47.20% लोगों की टाइप-2 डायबिटीज रिवर्स हो गई। यह स्टडी ‘द जर्नल ऑफ क्लीनिकल एंडोक्राइनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म’ में प्रकाशित हुई है।
स्टडी के मुख्य बिंदु:
- इंटरमिटेंट फास्टिंग से इंसुलिन रजिस्टेंस कम होता है।
- पैंक्रियाज का कार्य बेहतर होता है।
- वजन घटने से ब्लड शुगर नियंत्रण में रहता है।
भारत में डायबिटीज की स्थिति
- 10 करोड़ से ज्यादा लोग डायबिटीज से ग्रसित।
- पिछले 30 वर्षों में डायबिटीज के मामलों में 150% की वृद्धि।
- अगले 15 साल में यह आंकड़ा 14 करोड़ तक पहुंच सकता है।
सामान्य ब्लड शुगर स्तर:
- खाने से पहले: 70-100 mg/dl।
- खाने के बाद: 140 mg/dl से कम।
डायबिटीज नियंत्रण के लिए उपाय
- डाइट:
- कम चीनी और संतुलित आहार।
- रोज 20-25 मिनट एक्सरसाइज।
- योग:
- रोजाना 15 मिनट कपालभाति।
- हर्बल उपाय:
- एलोवेरा, स्टीविया और इंसुलिन प्लांट का उपयोग।
- जल प्रबंधन:
- गुनगुना पानी और नींबू पानी।
डायबिटीज के मरीज व्रत रख सकते हैं, लेकिन सावधानी के साथ। सही डाइट और योगाभ्यास से न केवल ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। देवी मां की कृपा से यह नवरात्रि आपके स्वास्थ्य और मनोबल को नई ऊंचाइयों पर ले जाए।