Monday, December 6, 2021
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INS Visakhapatnam P15 बढ़ाएगा नौसेना के जंगी बेड़े की विशेष ताकत, रक्षा मंत्री ने कहा खुद के साथ दुनिया की भी जरूरतों को पूरी करेंगे

इंडिया न्यूज, मुंबई।

INS Visakhapatnam मुंबई के डाकयार्ड में रविवार को आयोजित समारोह कार्यक्रम में भारतीय नौसेना को एक उपहार मिला। यह उपहार रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यहां पर आयोजित हुए एक कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय नौसेना को सौंपा। रक्षा मंत्री सिंह ने आज भारत में निर्मित स्वदेशी युद्धपोत आइएनएस विशाखापत्तनम पी-15 का भारतीय नौसेना में कमीशन किया।

यहां पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज, जब MDSL द्वारा निर्मित ‘INS विशाखापत्तनम’ की सफलतापूर्वक commissioning हो रही है तो इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता है कि आने वाले समय में हम न केवल अपनी जरूरतों के लिए बल्कि दुनिया भर की जरूरतों के लिए भी shipbuilding करेंगे।  सिंह ने कहा कि आज हम Globalisation के युग में रह रहे हैं। व्यापार के क्षेत्र में प्रायः सभी राष्ट्र एक-दूसरे पर निर्भर हैं। ऐसे में stability, economic progress, और दुनिया के विकास के लिए rule based freedom of Navigation, Sea lanes की security इत्यादि पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

सिंह ने कहा कि आज commission होने वाला ‘INS विशाखापत्तनम’ अपना नाम सार्थक करते हुए हमारी maritime security को और मज़बूत करेगा। ऐसा मेरा विश्वास है।  Indigenous Aircraft Carrier ‘INS Vikrant’ का development भी Navy की self-reliance की राह में एक मील का पत्थर है। मुझे इस बात की खुशी है कि Covid के कहर के बावजूद Ship ने Nov 2020 में Basin trials और अभी कुछ दिन पहले Maiden trials पूरे कर लिए हैं। सिंह ने कहा कि पड़ोसियों के साथ मैत्रीभाव, खुलापन, संवाद और सह-अस्तित्व की भावना के साथ  प्रधानमंत्री मदी ने SAGAR (Security and Growth for All in the Region) विजिन की जो परिकल्पना की थी। उसके मूल में हमारे यही कर्तव्य-भाव थे जिनका निर्वहन आप लोग भली भांति कर रहे हैं।

इस युद्धपोत की खास बात है कि सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने के वाली मिसाइलों के साथ घातक हथियारों तथा सेंसर से पूरी तरह लैस। इसकी रेंज में आने वाला कोई युद्धपोत इससे बचकर नहीं जा सकता है।

आइएनएस विशाखापत्तनम भारतीय नौसेना में शामिल होने से पहले रक्षा मंत्रालय कार्यलय में रविवार को ट्वीट करते हुए इसकी प्रशांसा में कहा कि वह सतर्क है, वह बहादुर है, वह हमेशा विजयी रहेंगी। भारत का पहला स्वदेशी P15 ब्रावो विध्वंसक ‘विशाखापत्तनम’ कमीशन के लिए तैयार है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज मुंबई में आयोजित समारोह में शामिल होते एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगले एक-दो साल यानि 2023 तक दुनिया भर में सुरक्षा पर होने वाला खर्च, 2.1 trillion US dollar तक पहुँचने वाला है। आज हमारे पास पूरा अवसर है कि हम अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करें और देश को indigenous shipbuilding hub बनाने की ओर आगे बढ़ें।

सबसे बड़े विध्वंसक में से एक P15 (INS Visakhapatnam)

स्वदेशी युद्धपोत आइएनएस विशाखापत्तनम  P15 ब्रावो भारत में निर्मित सबसे बड़ा विध्वंसक में से एक है। इसमें मिसाइलें और पनडुब्बी रोधी राकेट लगे  हुए हैं। इसके निर्माण में स्वदेशी स्टील डीएमआर 249ए का उपयोग किया गया है व इसकी लंबाई 163 मीटर है।

स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस विशाखापत्तनम के कमीशन से पहले नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि इसको 35,000 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत तैयार किया है। भविष्य में इस परियोजन के तहत नौसेना को चार और युद्धपोत मिलें, जिससे नौसेना को और मजबूती मिलेगी। इसको मझगांव डाकयार्ड लिमिटेड में तैयार किया गया है। यह प्रकार का गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रायर है।

पश्चिमी नौसेना कमान में  आयोजित कार्यक्रम में राक्षमंत्री राजनाथ सिंह के साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह के अलावा नौसेना के शीर्ष अन्य कमांडर शामिल मौजूद रहें।

गौरतलब है कि स्वदेशी युद्धपोत आइएनएस विशाखापत्तनम  P15 का निर्माण ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत इसमें 75 प्रतिशत उपकरणों का उपयोग स्वदेशी किया गया है।

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