श्रीनगर (This journey started from Pathanchowk in Srinagar at 10:45 am today, in which Rahul’s sister Priyanka Gandhi Vadra also participated) : इस यात्रा के समर्थन में गांधी परिवार सहित सैकड़ों महिलाओं और कांग्रेस समर्थकों ने तिरंगा और कांग्रेस पार्टी का झंडे लिए यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा का अपडेट
कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चलकर भारत जोड़ने का लक्ष्य लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में यह यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुकी है। आज सुबह 10:45 बजे श्रीनगर के पठानचौक से यह यात्रा शुरू हुई जिसमें राहुल की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुई। इस यात्रा के समर्थन में गांधी परिवार सहित सैकड़ों महिलाओं और कांग्रेस समर्थकों ने तिरंगा और कांग्रेस पार्टी का झंडे लिए यात्रा में शामिल हुए।
आज यह यात्रा शहर के सोनवार क्षेत्र तक सात किलोमीटर की दूरी तय करेगी और वहां कुछ देर रुकने के बाद राहुल गांधी तिरंगा फहराने के लिए लाल चौक सिटी सेंटर पहुंचेंगे, जिसे लेकर लाल चौक के आसपास के पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और सिटी सेंटर के चारों ओर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात कर दिया गया है। लाल चौक के बाद, यात्रा शहर के बुलेवार्ड क्षेत्र में नेहरू पार्क की यात्रा करेगी, जो 4,080 किलोमीटर के वॉकथॉन के अंत को चिह्नित करेगी।
सोमवार को राहुल गांधी एमए रोड स्थित कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में तिरंगा फहराएंगे। ध्वजारोहण के बाद एसके स्टेडियम में राहुल गांधी एक जनसभा को संबोधित करेंगें जिसके लिए 23 विपक्षी राजनीतिक दलों को आमंत्रित किया गया है।
क्या है भारत जोड़ो यात्रा ?
भारत जोड़ो यात्रा चल रहा एक जन आंदोलन है, जिसका नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी कर रहे है। इस यात्रा की शुरूआत, पैदल ही, 7 सितंबर को तमिलनाडु के शहर कन्याकुमारी से हुई थी। यह यात्रा 150 दिनों में देश के 12 राज्यों से होकर, 3,570 किलोमीटर की दूरी तय कर, जम्मू कश्मीर में जाकर समाप्त होगी। अभी यह यात्रा 14 राज्यों के 75 जिलों को कवर करते हुए जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में है।
क्यों हो रही है ये यात्रा ?
दरअसल यह यात्रा सरकार की नीतियों के खिलाफ जैसे चरमराई अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए है। कांग्रेस के मुताबिक, भारत जोड़ो यात्रा अन्याय के खिलाफ भारत के लोगों की आवाज़ को एकजुट करने का आंदोलन है। यह यात्रा सरकार द्वारा प्रत्येक भारतीय की आकांक्षाओं की उपेक्षा के खिलाफ खड़े होने का आह्वान है। कांग्रेस के अनुसार इस यात्रा का उद्देश्य देश को एकजुट और मजबूत करना है।