India News (इंडिया न्यूज), Delhi Air Pollution: दिल्ली की हवा फिर लगातार खराब होती जा रही है। तापमान में गिरावट और रात में हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्वों के जमा होने से राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता शुक्रवार को फिर से ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई। नवंबर महीने का AQI 401 से ऊपर है। पिछले कई दिनों से राजधानी में प्रदूषण बढ़ने की वजह पराली को बताया जा रहा था, लेकिन अब पराली के बिना भी यहां प्रदूषण पहुंच गया है ‘गंभीर’ स्तर।

इस बार दिल्ली में प्रदूषण की वजह खुद का ट्रांसपोर्ट है। बात करें आज यानि 26 नवंबर की तो राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Delhi air Pollution) का स्तर रविवार  को खतरनाक हो गया है।

वेबसाइट- https://www.aqi.in/ के अनुसार  राष्ट्रीय राजधानी में इस सीजन का अब तक का रिकॉर्ड प्रदूषण रहा है। आज रविवार सुबह छह बजे दिल्ली इंस्टीट्यूट आफ टूल इंजीनियरिंग (DIT area) रोहिणी इलाके में प्रदूषण का स्तर भयावह रहा है। वहीं डीआईटी इलाके में एक्यूआई (Delhi AQI News) 1079 पहुंच गया। यह स्वास्थ्य के लिए खतरे का संकेत है।

अन्य इलाकों का AQI

  • जबकि आनंद विहार में 909,
  • अशोक विहार में फेज वन 908,
  • अशोक विहार फेज टू 949,
  • मॉडल टाउन 909
  • आनंद पर्वत ​इलाके में एक्यूआई 515
  • कोहट इन्क्लेव में एक्यूआई 833,
  • आईटीआई जहांगीरपुरी में 828,
  • मुखर्जी नगर में 781,
  • भलस्वा लैंडफिल इलाके में 753,
  • दीपाली में 689,
  • आईपी एक्सटेंसन में 663,
  • इंद्रलोक में 680,
  • मुंडका में 628,
  • एलआईसी कॉलोनी में 596,
  • मयूर विहार में 553,
  • आईटीआई शाहदरा में 528,
  • बाली नगर में 505,
  • करोल बाग में 501,
  • बवाना इंडस्ट्रिलय एरिया में 438,
  • ग्रेटर कैलाश में 422,
  • हरिनगर में 456 दर्ज हुआ है।

शनिवार को मौसम बेहाल

शनिवार को भी दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में तो यह ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच चुका है। यहां आनंद विहार, बवाना, जहांगीरपुरी की हवा ‘बेहद गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है। वहीं, अलीपुर की हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है। शनिवार सुबह आनंद विहार का AQI 461 दर्ज किया गया। बवाना की वायु गुणवत्ता 470 दर्ज की गई है। इसी तरह जहांगीरपुरी में 471 और अलीपुर में 448 AQI दर्ज किया गया है।

दिल्ली में लगातार बढ़ रहा AQI

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक वैज्ञानिक ने 27 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करने वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम संबंधी स्थितियों में संभावित सुधार के परिणामस्वरूप प्रदूषण से कुछ राहत मिलने की भविष्यवाणी की है। रविवार को मामूली सुधार के बाद गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर में लगातार वृद्धि देखी जा रही है

AQI कब अच्छा, कब खराब

  • एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’,
  • 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’,
  • 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’,
  • 201 से 300 के बीच ‘खराब’,
  • 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’
  • 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’

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