India News (इंडिया न्यूज), Facts About Astronauts in space: जब अंतरिक्ष में कोई दुर्घटना होती है या कोई अंतरिक्ष यात्री गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो यह एक बड़ा संकट होता है, लेकिन अगर किसी कारणवश अंतरिक्ष में किसी अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु हो जाती है, तो शव के साथ क्या किया जाता है, यह एक जटिल और संवेदनशील मामला है। अंतरिक्ष में शव को संभालने के लिए विशेष उपाय और प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है, क्योंकि यहां पृथ्वी के मुकाबले हालात अलग होते हैं। इस लेख में हम यह समझेंगे कि स्पेस में किसी अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु के बाद शव का क्या किया जाता है।
मृत्यु के बाद की पहली चुनौती: शून्य गुरुत्वाकर्षण में शव का संरक्षण
स्पेस में जब कोई व्यक्ति मरता है, तो शव शून्य गुरुत्वाकर्षण में होता है, यानी उसकी स्थिति पर गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव नहीं होता। इस स्थिति में शव का ठीक से संरक्षण करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। शून्य गुरुत्वाकर्षण में शव के अंग और तरल पदार्थ शरीर में इधर-उधर तैर सकते हैं, जिससे यह न केवल हाइजीनिक समस्या उत्पन्न कर सकता है, बल्कि अंतरिक्ष यान के अंदर अन्य उपकरणों के लिए भी खतरे का कारण बन सकता है।
शव का सुरक्षित स्थान पर रखना
अगर किसी अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु हो जाती है, तो सबसे पहले शव को सुरक्षा के तहत यान के अंदर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इसे किसी मजबूत बैग में डालकर, शव को बर्फ जैसे पदार्थों के साथ ठंडा करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है ताकि शरीर में किसी भी प्रकार की सड़न या गंध का विकिरण न हो। इसे शव को निष्क्रिय रखने का तरीका कहा जा सकता है, ताकि शव की स्थिति और हाइजीन बेहतर बनी रहे।
वापसी की प्रक्रिया: पृथ्वी पर लाने के लिए शव को कैसे तैयार किया जाता है?
स्पेस में शव को सुरक्षित रखने के बाद, अगले कदम के रूप में उसे पृथ्वी पर लौटाने का विचार किया जाता है। शव को पृथ्वी पर लाने के लिए, अंतरिक्ष यान में मौजूद तकनीकी उपायों के माध्यम से शव को सुरक्षित रूप से पृथ्वी तक भेजा जाता है। शव को लाने के लिए शव के साथ एयरोस्पेस द्वारा निर्धारित विशेष प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है ताकि पृथ्वी पर लौटने पर शव को सही तरीके से संरक्षित रखा जा सके।
स्पेस में मृत अंतरिक्ष यात्री के शव का अंतिम संस्कार: क्या होता है?
हालांकि अभी तक अंतरिक्ष में शव का अंतिम संस्कार करना संभव नहीं है, लेकिन भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है। यदि अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु हुई है और कोई यांत्रिक या तकनीकी कारण शव को पृथ्वी पर नहीं भेज सकता, तो शव को अंतरिक्ष में छोड़ने का विचार किया जा सकता है। कुछ मामलों में शव को अंतरिक्ष में ही छोड़ दिया जा सकता है, जहां वह अंतरिक्ष में ही तैरते हुए वातावरण से बाहर चला जाएगा। हालांकि, यह मामला बेहद संवेदनशील है और अभी तक इस पर कोई ठोस दिशा-निर्देश नहीं हैं।
स्पेस में मृत्यु से जुड़े सामाजिक और कानूनी पहलू
अंतरिक्ष में मृत्यु का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक संवेदनशील मामला होता है। अंतरिक्ष में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका शव किस तरह से प्रबंधित किया जाएगा, यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानूनों के तहत तय किया जाता है। इसके लिए विशेष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होती है, और यह निर्णय आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों, जैसे कि NASA, ESA (European Space Agency), और अन्य संगठनों द्वारा लिया जाता है।
भविष्य में शव के प्रबंधन के लिए क्या किया जा सकता है?
भविष्य में, जब अंतरिक्ष यात्रा और स्थायी अंतरिक्ष उपनिवेशों की दिशा में प्रगति होगी, तो शव प्रबंधन के और अधिक उन्नत और सुरक्षित तरीके विकसित हो सकते हैं। जैसे कि शवों को क्रायोस्टैट (cryostat) जैसी तकनीकों द्वारा संरक्षित किया जा सकता है, ताकि शव को लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सके। इसके अलावा, अगर अंतरिक्ष में किसी की मृत्यु होती है, तो प्रौद्योगिकी के विकास के साथ शव के प्रबंधन के नए तरीके सामने आ सकते हैं।
स्पेस में किसी अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु एक दुर्लभ लेकिन गंभीर घटना होती है, और इसके लिए एक बहुत ही संवेदनशील और विशिष्ट प्रबंधन की आवश्यकता होती है। वर्तमान में, शव को सुरक्षित रखने के लिए खास तकनीकी उपायों का उपयोग किया जाता है, लेकिन जैसे-जैसे अंतरिक्ष यात्रा में प्रगति होगी, शव प्रबंधन के नए तरीके और दिशाएँ सामने आ सकती हैं। अंतरिक्ष यात्री की मृत्यु पर किए जाने वाले उपाय केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि यह सवाल जीवन, मृत्यु और मानवता के एक नए आयाम से जुड़ा है।
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