India News (इंडिया न्यूज़), Mamata Banerjee Horoscope: भारतीय राजनीति जगत में विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए अक्सर ममता बनर्जी एक सशक्त चेहरा हैं, जिन्होंने पिछले तीन लोकसभा चुनावों में अपनी दावेदारी पेश करने की जी जान कोशिश की है, लेकिन वह अभी तक सफल नहीं हो पाई है। तृणमूल कांग्रेस और पार्टी कार्यकर्ता ममता बनर्जी को प्रधानमंत्री बनते देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।

ऐसे में यह जिज्ञासा होना स्वाभाविक है कि क्या ममता बनर्जी कभी प्रधानमंत्री बनेंगी? आइए ज्योतिष के दिव्य प्रकाश से भविष्य के गर्भ में झांकने का प्रयास करते हैं तो जानते हैं की क्या कि क्या ममता बनर्जी कभी प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं?

  • क्या कहती है बंगाल की CM की कुंडली?
  • क्या कभी देश की प्रधानमंत्री बन पाएंगी ममता दीदी?

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क्या कहती है बंगाल की CM की कुंडली?

1- ममता दीदी की कुंडली मेष लग्न की है। मंगल प्रधान जातक बहुत ऊर्जावान होते हैं और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। ममता दीदी में ये गुण साफ दिखाई देते हैं। उन्होंने राज्य में तीन दशक से ज्यादा समय तक सत्ता में रही वामपंथी सरकार को उखाड़ फेंका।

2- लग्न का मंगल लाभ भाव में बैठा है और उच्च के चंद्रमा को देख रहा है, जिसके कारण इनका मन बहुत मजबूत होता है। ऐसे जातक जब कोई काम हाथ में लेते हैं तो उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं।

3- मेष लग्न में परम राजयोग कारक गुरु चतुर्थ भाव में अपनी उच्च राशि में बैठा है, जबकि उसका राशि स्वामी भी उच्च का है। इसके कारण उसे जनता का समर्थन मिलता है और वह चुनाव जीत जाती है। ऐसे व्यक्ति को उसके अपने घर में हराना असंभव हो जाता है क्योंकि चतुर्थ भाव की ऊर्जा किसी बाहरी व्यक्ति को सफल नहीं होने देती।

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4- इस कुंडली में पराक्रम कारक सूर्य भाग्य भाव में राहु के साथ ग्रहण योग में स्थित है। यह स्पष्ट संकेत है कि भाग्य से कुछ भी हासिल नहीं होगा। यहां स्थित सूर्य उन्हें केंद्र सरकार नहीं बनाने देगा, वहीं उच्च पदों पर बैठे लोगों से मतभेद के भी संकेत हैं। वाणी कारक बुध पर राहु, केतु और शनि का प्रभाव होने के कारण वे अपने ही बयानों के कारण परेशानी में पड़ जाती हैं। शत्रु सूर्य पर शनि की दृष्टि होने के कारण उन्हें अपने राज्य के बाहर अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है।

5 – जहां तक ​​पीएम पद की बात है तो उनकी कुंडली को देखते हुए यह थोड़ा मुश्किल लग रहा है। इसके दो कारण हैं, पहला, सत्ता का कारक सूर्य ग्रहण योग में बैठा है और शनि द्वारा देखा जा रहा है और दूसरा, केतु सातवें घर में बैठा है और शनि को देख रहा है! ऐसा लग रहा है कि सहयोगियों को बनाए रखने के लिए उन्हें काफी समझौते करने होंगे, लेकिन उच्च का चंद्रमा ऐसा नहीं होने देगा।

6 – चौथे घर में बैठा उच्च का बृहस्पति और दूसरे घर में बैठा उच्च का चंद्रमा उन्हें राज्य में विजयी बनाएगा, लेकिन ममता बनर्जी के लिए दिल्ली अभी भी दूर है।

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