इंडिया न्यूज, Punjab News : रोडरेज केस में पटियाला केन्द्रीय कारागार में बंद पूर्व क्रिकेटर और नेता नवजोत सिंह सिद्धू को मुंशी का काम दिया गया है। जेल जाने से पहले उनकी मेडिकल जांच की गई है। डॉक्टरों की सिफारिश पर उनके रोजाना के भोजन में नारियल पानी, जूस, लैक्टोस मुक्त दूध, बादाम और अन्य चीजें शामिल की गई हैं। बताया जाता है कि जेल में सिद्धू की सुबह रोजमेरी चाय से होती है। और सोने के पहले वो कैमोमाइल टी लेते हैं। जो चलिए जानिए इनके फायदे और नुकसान क्या हैं।
रोजमेरी चाय क्या है?
रोजमेरी एक खुशबूदार और सदाबहार पौधा है। देश में आमतौर से इसे गुलमेहंदी के नाम से भी जाना जाता है। इस पौधे का इस्तेमाल जड़ी-बूटी के तौर पर किया जाता है। बाजार में इसके आसानी से सूखी टहनियां, पत्ते, बीज और तेल मिल जाते हैं।
क्यों पीनी चाहिए रोजमेरी चाय?
रोज सुबह-सुबह खाली पेट दूध वाली चाय पीने से पाचन संबंधी समस्याएं होने का खतरा ज्यादा रहता है। रोजमेरी चाय जड़ी-बूटियों से तैयार हर्बल टी है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-आॅक्सीडेंट्स आदि गुण पाए जाते हैं। ऐसे में इसे पीने से पाचन दुरुस्त रहता है।
घर पर चाय बनाने की विधि: एक चम्मच रोजमेरी का पत्ता या पाउडर। एक कप पानी। एक चम्मच शहद या शक्कर (आप्शनल। सबसे पहले आप एक बर्तन में पानी उबलने के लिए चढ़ाएं और आंच धीमी कर दें। पानी में रोजमेरी के पत्ते या पाउडर डालें। 5-6 मिनट उबलने दें। चाय छानकर कप में डाल लें और शक्कर या शहद मिलाकर पिएं।
रोजमेरी चाय के नुकसान क्या?
जिन लोगों को एस्पिरिन या सैलिसिलेट दवाओं से एलर्जी है, उन्हें रोजमेरी से भी एलर्जी हो सकती है। गर्भवती महिलाएं अगर ज्यादा मात्रा में रोजमेरी की चाय पिएं तो मिसकैरेज भी हो सकता है। अगर आप बहुत ज्यादा रोजमेरी चाय पीते हैं तो मिर्गी का दौरा भी पड़ सकता है।
कैमोमाइल चाय क्या है?
कैमोमाइल चाय को हिंदी में बबूने के फूल की चाय कहा जाता है। कैमोमाइल में फ्लेनोइड नाम का एक कंपाउंड पाया जाता है। इसकी वजह से इसमें सेहत से जुड़े कई फायदे होते हैं।
कैमोमाइल चाय कब पीनी चाहिए?
कैमोमाइल चाय में एपिजेनिन है, जो अच्छी नींद लाने में मदद करता है। इसमें दिमाग को शांत करने वाले एंटीकन्वल्सेंट गुण पाए जाते हैं। कैमोमाइल चाय पीने के बाद दिमाग शांत हो जाता है और आपको अच्छी नींद आती है।
कैमोमाइल चाय बनाने की विधि:
एक कप या उससे ज्यादा पानी ले सकते हैं। एक चम्मच सूखे कैमोमाइल फूल या पाउडर। पानी को उबाल लें। फूल या पाउडर को उबलते पानी में डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। अब चाय छानकर पी सकते हैं। इसमें शक्कर नहीं डालें।
कैमोमाइल चाय के नुकसान क्या हैं?
जिन लोगों को डेजी परिवार के फूलों (गुलबहार) से एलर्जी है। उन्हें कैमोमाइल चाय से एलर्जी हो सकती है। कैमोमाइल भी इसी परिवार का हिस्सा है। गर्भवती महिलाओं को कैमोमाइल चाय नहीं पीना चाहिए। गर्भ में इससे यूरिन मसल्स टाइट हो सकती हैं। इससे गर्भवती और गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान होने का डर रहता है। कैमोमाइल चाय से खून पतला होता है। इसलिए जो लोग खून को पतला करने वाली दवाइयां लेते हैं। वे डॉक्टर की सलाह पर ही इसे लें।
सिद्धू को कौन सी बीमारी है?
सूत्रों मुताबिक सिद्धू के लीवर की चर्बी बढ़ गई है। फेफड़ों में खून के थक्के मिले हैं। इसलिए उन्हें कड़ी डाइट के साथ-साथ दवाइयां भी लेनी होंगी। इन्हीं बीमारी के चलते मेडिकल बोर्ड ने लंबी डाइट प्लान की एक लिस्ट जिला अदालत में पेश की। रिपोर्ट अनुसार सिद्धू को वजन कम करने और हर रोज 30 से 45 मिनट व्यायाम करने की सलाह दी गई है। उसी लिस्ट में जेल में सिद्धू को रोजमेरी की चाय और रात को कैमोमाइल चाय लेने के लिए भी कहा गया है।
सिद्धू की डाइट चार्ट क्या है?
- नाश्ता: रोजमेरी चाय, जूस, लैक्टोस फ्री दूध, पांच-छह बादाम, अखरोट, सीड्स (फ्लैक्स, सूर्यमुखी, तरबूज और चिया)।
- मिड मॉर्निंग मील : एक गिलास जूस या कोई एक फल जैसे तरबूज, कीवी, अमरूद आदि। अंकुरित हरे या काला चने में खीरा, टमाटर, आधा नींबू और एवोकैडो।
- लंच: एक कटोरी खीरा, हरी सब्जियों के साथ ज्वार, सिंघाड़ा या रागी के आटे की चपाती।
- शाम: कम वसा वाले दूध के साथ एक कप चाय और 25 ग्राम पनीर या टोफू।
- डिनर: मिक्स वेज, दाल या काले चने का सूप, भुनी हुई हरी सब्जियां।
- सोने से पहले: एक कप कैमोमाइल चाय और एक बड़ा चम्मच इसबगोल की भूसी।
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