India News (इंडिया न्यूज), American War Plans Leaked: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अधिकारियों द्वारा सोमवार को एक बड़ी गलती की खबर आई है। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने कथित तौर पर यमन में अमेरिकी हमलों के बारे में खुफिया जानकारी एक समूह में साझा की, जिसमें एक पत्रकार मौजूद था। गोपनीय मानी जाने वाली यह जानकारी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक नया युद्ध छेड़ने का फैसला किया है। द अटलांटिक के संपादक ने दावा किया है कि ट्रंप के रक्षा सचिव समेत कुछ अधिकारियों ने इस हमले से जुड़ी अहम बातें समूह में साझा कीं।
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने की पुष्टि
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी पुष्टि की है कि ये जानकारियां पुख्ता हैं। इस घटना की जानकारी सामने आने के कुछ घंटों बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, बाद में वे इस पर मजाक करते नजर आए। इन संदेशों में कई जानकारियां शामिल थीं। इनमें यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों पर हमले, लक्ष्य, हथियारों की तैनाती और हमलों के क्रम जैसी संवेदनशील बातों का भी जिक्र था। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह जानकारी गोपनीय थी या नहीं।
कौन-कौन ग्रुप में जुड़े थे?
मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने एक बयान में कहा है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि सिग्नल ग्रुप चैट में एक पत्रकार का नंबर कैसे जोड़ा गया। उस ग्रुप में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अलावा उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ट्रंप की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड भी शामिल थे। पत्रकार ने दावा किया है कि उन्हें ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज से इस ग्रुप में शामिल होने का निमंत्रण मिला था।
पीट हेगसेथ ने पत्रकार को लेकर क्या कहा?
वहीं, पीट हेगसेथ ने इस मामले पर अपनी पहली टिप्पणी में पत्रकार को धोखेबाज, बदनाम और फर्जी पत्रकार बताया है। हालांकि, रक्षा सचिव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि सिग्नल ऐप का इस्तेमाल ऐसे गुप्त और संवेदनशील ऑपरेशन पर चर्चा करने के लिए क्यों किया जा रहा था या पत्रकार उस ग्रुप में कैसे शामिल हुआ। हेगसेथ ने आगे कहा, “कोई भी युद्ध की योजना के बारे में संदेश नहीं भेज रहा था और मुझे इस बारे में बस इतना ही कहना है।”
इस बीच, सोमवार को देर रात एक बयान में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति को वाल्ट्ज और राष्ट्रीय सुरक्षा टीम पर पूरा भरोसा है। हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसदों ने प्रशासन के बेहद संवेदनशील जानकारी को संभालने के तरीके की निंदा की है और सीनेट डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने जांच की मांग की है।