इंडिया न्यूज, बेरूत:
पश्चिम एशियाई देश लेबनान में 13 महीनों बाद नई सरकार का गठन हो गया है। राष्ट्रपति मिशेल ने नजीब मिकाती की अध्यक्षता में नई सरकार के गठन की घोषणा की। मिकाती लेबनान के अरबपति कारोबारी हैं।
नए प्रधानमंत्री मिकाती ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि अगर हम लेबनानी एक हो जाएं, तो कुछ असंभव नहीं है। हमें अपने हाथ एक साथ आगे लाने होंगे। मिकाती ने राष्ट्रपति औन के साथ बैठक के बाद राष्ट्रपति बाबदा पैलेस में एक संवाददाता सम्मेलन में यह बातें कहीं। इस दौरान उनके साथ संसद के स्पीकर नाबिह बैरी भी मौजूद थे। नई सरकार के गठन को लेकर प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों में असहमति बनी हुई थी, जिससे देश में आर्थिक संकट और गहरा रहा था। राजनीतिक गतिरोध के चलते देश में आर्थिक संकट और गहरा गया था। देश में वित्तीय अराजकता जैसे हालात उत्पन्न हो गए थे।

4 से 6 गुना बढे खाद्य पदार्थों के दाम

बता दें कि लेबनान में इस वक्त महंगाई अपने चरम पर चल रही है। वहां खाना-पीना, बिजली, स्वास्थ्य सब आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। पिछले एक साल में पानी 8 तो खाना 6 गुना महंगा हो गया है। एक साल पहले जो ब्रेड 1000 लेबनान पाउंड (करीब 48 रुपए) में मिलती थी, वह अब 6000 लेबनान पाउंड (करीब 288 रुपए) में मिल रही है। वहीं बिजली भी 24 में से एक घंटे ही आ रही है। दफ्तरों का कामकाज आधे से भी कम हो रहा है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और कोरोना के बीच स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं।