कैंसर को दी मात, अब बचा रहे दुनिया का ‘कल’, जानिये कौन हैं ये कालीदास

कैंसर सर्वाइवर कालिदास साहा ने असम के धुबरी शहर में हजारों पेड़ लगाकर शहर को हरा-भरा बगीचा बना दिया. उनकी प्रेरक कहानी पर्यावरण प्रेम और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण है.

जब इच्छाशक्ति बलवान हो तो बड़ी से बड़ी समस्या पर विजय पाई जा सकती है. कैंसर सर्वाइवर कालिदास साहा इसका परफेक्ट उदाहरण है. अपनी लगन और इच्छाशक्ति से कैंसर सर्वाइवर कालिदास साहा ने असम के धुबरी शहर को हरा-भरा बगीचा बना दिया. 
2006 में कैंसर जैसी घातक बीमारी से जूझने के बाद उन्होंने प्रकृति को अपनाया और पिछले 19 वर्षों में धुबरी शहर को हरा-भरा करने का संकल्प लिया. उनकी प्रेरक कहानी पर्यावरण प्रेम और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण है.

कठिनाइयों से भरी रही जिंदगी

धुबरी शहर के वार्ड नंबर 3 में रहने वाले 61 वर्षीय कालिदास साहा की जिंदगी में तब भूचाल आया जब 2006 में उन्हें फेफड़ों के कैंसर का पता चला. यह खबर सुनते ही उनका पूरा परिवार टूट गया, लेकिन साहा ने हार नहीं मानी. लंबे इलाज और जद्दोजहद के बाद वे कैंसर पर विजय प्राप्त करने में सफल रहे.

मिला जीवन का उद्देश्य

कैंसर से उबरने के बाद साहा ने जीवन का नया मकसद चुना- शहर को हरा-भरा बनानाा और इसी उद्देश्य के लिए खुद को समर्पित कर दिया. उन्होंने सड़क किनारों, खाली जमीनों और सार्वजनिक स्थानों पर पेड़ लगाना शुरू किया. उनका यह प्रयास धीरे-धीरे एक आंदोलन बन गया, जिसमें हजारों पेड़ लग चुके हैं. वर्तमान में धुबरी शहर बेहद हरा-भरा हो गया है, साथ ही इससे वहां के प्रदूषण में भी कमी आई है.  

निरंतर प्रयास और उपलब्धियां

पिछले 19 वर्षों से साहा रोजाना पेड़ों की देखभाल करते हैं. वे न केवल पौधे लगाते हैं, बल्कि उन्हें समय पर सिंचाई, खाद देना और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं. आज धुबरी शहर एक जीवंत हरे बगीचे की तरह नजर आता है, जहां पक्षी चहचहाते और हवा शुद्ध रहती है.

समाज के लिए प्रेरणा

साहा की कहानी बताती है कि विपत्ति में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है. वे युवाओं और स्थानीय लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करते हैं. उनका मानना है कि प्रकृति से प्रेम ही असली इलाज है. धुबरी अब पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर के रूप में जाना जाता है.
कालिदास साहा जैसे व्यक्तियों से सीख मिलती है कि व्यक्तिगत प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं. आज उनके इस मिशन में शहर के दूसरे लोग भी सहयोग दे रहे हैं, जिससे यह एक मिशन बन गया है. 

Shivangi Shukla

वर्तमान में शिवांगी शुक्ला इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. हेल्थ, बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा रिसर्च बेस्ड आर्टिकल और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करती हैं. तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है. डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Share
Published by
Shivangi Shukla

Recent Posts

फिल्मों में क्यों अपनाया जा रहा बिखरी दाढ़ी का ट्रेंड, धुरंधर जैसी बीयर्ड की कैसे करें बोल्ड ग्रूमिंग देखभाल

फिल्म धुरंधर में रणवीर सिंह की दाढ़ी काफी बिखरी और बेतरतीब नजर आई. हालांकि इस…

Last Updated: January 2, 2026 18:52:44 IST

World Record! 1.5 लाख सिक्कों से निखरा प्रभु श्री राम का स्वरूप, कारीगरी देख फटी रह गईं दुनिया की आंखें

Lord Ram Coin Art Lucknow: लखनऊ (Lucknow) में कला और भक्ति का अद्भुत संगम देखने…

Last Updated: January 2, 2026 17:57:41 IST

3 ‘बदनाम’ फिल्में, जिनके गानों के लिरिक्स हैं ‘अश्लील’, बैन करने की उठी मांग! रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर हुई ब्लॉकबस्टर

Bollywood Double Meaning Songs: बॉलीवुड की 3 ऐसी बड़ी सुपरहिट फिल्में हैं, जिनके एक गानें…

Last Updated: January 2, 2026 18:29:10 IST

न्यू मॉडल पब्लिक इंग्लिश स्कूल में श्रद्धा और प्रकृति-चेतना के साथ सम्पन्न हुआ तुलसी पूजन

सूरत (गुजरात) [भारत], जनवरी 2: मानसरोवर सोसायटी, एस.एम.सी. लेक, डिंडोली, सूरत स्थित प्रतिष्ठित न्यू मॉडल…

Last Updated: January 2, 2026 18:20:16 IST

Palak Tiwari का बेमिसाल ‘नया धमाका’, साड़ी में दिखीं बला की खूबसूरती!

Palak Tiwari Traditional Look: पलक तिवारी (Palak Tiwari) ने अपने लेटेस्ट लुक से एक बार…

Last Updated: January 2, 2026 17:29:13 IST

MLA Shyam Bihari Death: बरेली में बीजेपी विधायक डॉक्टर श्याम बिहारी को आया हार्ट अटैक, बैठक में बिगड़ी तबियत

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक डॉ. श्याम बिहारी…

Last Updated: January 2, 2026 17:48:07 IST