India News (इंडिया न्यूज), Indian Economy: भारतीय इकॉनोमी की ग्रोथ थोड़ी सी कम हो सकती है। हालांकि इस महीने की शुरूआत में आरबीआई एमपीसी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ग्रुप ने भारत की जीडीपी को लेकर ग्रोथ रेट अनुमान को घटा दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डमैन सैक्स ने केंद्र सरकार द्वारा एक्सपेंडेचर में कमी का हवाला देते हुए इस साल और अगले साल के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद के पूर्वानुमान में 20 आधार अंकों की कटौती की है।
अमेरिकी बैंक के अर्थशास्त्रियों ने भी किया दावा
अमेरिकी बैंक के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सरकारी खर्च में सालाना आधार पर 35 प्रतिशत की गिरावट रही। दरअसल, इस दौरान कई हफ्तों तक लोकसभा चुनाव चले, इस वजह से भी खर्च में गिरावट हुई। इसका असर मौजूदा साल की जीडीपी ग्रोथ पर देखने को मिल सकता है। इनवेस्टमेंट बैंक का कहना है कि अगले साल भारत सरकार ने फिक्सल डेफिसिट को घटाकर जीडीपी के 4.5 प्रतिशत पर लाने का वादा किया है, जिसका असर भी ग्रोथ पर दिखेगा। इसके अलावा, वास्तविक कंजम्प्शन ग्रोथ में सुस्ती का असर भी इकॉनोमी पर पड़ेगा।
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RBI ने घटाया था जीडीपी ग्रोथ अनुमान
भारत की इकॉनोमी की ग्रोथ रेट पहले से थोड़ी कम रह सकती है। इस महीने की शुरूआत में RBI Monetary Policy Committee ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। जून में लोकसभा चुनाव 2024 के बाद पहली एमपीसी ऐलान में आरबीआई ने 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। 2024-25 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
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