Thursday, October 21, 2021
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Lord Shri Ram : पर्यटन के माध्यम से जानें अपने भगवान श्रीराम को

Lord Shri Ram : Lord Shri Ram को मयार्दा पुरुषोत्तम कहा जाता है। प्राचीन भारतीय ग्रंथ रामायण तथा गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के अलावा विभिन्न चैनलों में दिखाये जाने वाले धारावाहिकों के माध्यम से भगवान श्रीराम को जाना तथा समझा गया है, लेकिन अगर आप से कहा जाए कि पर्यटन के माध्यम से भी Lord Shri Ram को जाना तथा समझा जा सकता है तो आपको आश्चर्य होगा। पर्यटन भी और Lord Shri Ram के बारे में जानकारी भी। तो चलिए एक पंथ दो काज, की कहावत को चरितार्थ करते हुए पर्यटन के माध्यम से भगवान श्री राम को जानें।

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कापोर्रेशन की तरफ से Lord Shri Ram से जुड़े स्थलों का आईआरसीटीसी के भारत दर्शन पैकेज का हिस्सा कही जाने वाली इस यात्रा में Lord Shri Ram के जीवन से जुड़े व रामायण में उल्लेख किए गए विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कराये जाते हैं। भारतीय रेल की ओर से इस यात्रा के लिए जो पैकेज तय किया गया है, उस पैकेज में यात्रियों को शुद्ध शाकाहारी भोजन, ठहरने के लिए उचित स्थान, दर्शनीय स्थलों के लिए पर्यटक बसें, घोषणाओं और सूचनाओं के लिए टूर एस्कॉर्ट्स की व्यवस्था और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। रामायण एक्सप्रेस उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में अलग-अलग स्थानों से चलेगी ताकि देशभर के लोग इसकी सेवा का लाभ उठा सकें। यह भी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से भगवान राम से जुड़े स्थलों के दर्शन के लिए कुछ और रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू हो जाए।

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दशरथ पुत्र से जुड़े स्थलों का दर्शन (Lord Shri Ram)

श्री रामायण एक्सप्रेस की यात्रा के दौरान भगवान श्रीराम से जुड़े सभी स्थलों का दर्शन होता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे कैटेरिंग एवं टूरिज्म कॉपोर्रेशन (आईआरसीटीसी) रामायण से जुड़े महत्त्वपूर्ण स्थलों से गुजरने वाली विशेष पर्यटन ट्रेन श्री रामायण एक्सप्रेस चलायी जा रही है। श्री रामायण एक्सप्रेस भारत में Lord Shri Ram से जुड़े हर महत्त्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ श्रीलंका के चार स्थलों की भी यात्रा कराई जाती है। इस सामूहिक पैकेज में आईआरसीटीसी द्वारा भोजन, धर्मशाला, पर्यटन स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था के साथ-साथ एक टूर मैनेजर की व्यवस्था भी पूरी यात्रा के दौरान दर्शनार्थियों को मुहैया कराई जाती है।

भारत, श्रीलंका और नेपाल में भी (Lord Shri Ram)

रामायण यात्रा-श्रीलंका नाम के इस तीर्थाटन को दो भागों में बांटा गया है, जिसका एक हिस्सा भारत में और दूसरा हिस्सा श्रीलंका और नेपाल तक की यात्रा है। श्रीलंका में पांच रात और छह दिन वाले इस टूर पैकेज के लिए आईआरसीटीसी ने प्रति व्यक्ति (कुल मिलाकर) 55,000 रुपये रखी है, जिसमें कैंडी, नुवारा एलिया, कोलंबो, नेगोंबो की यात्रा करवाई जाती है।

Delhi से कई राज्यों का कराती है सफर (Lord Shri Ram)

Lord Shri Ram के जीवन से जुड़े सभी महत्त्वपूर्ण पड़ाव का दर्शन कराने वाली इस यात्रा के दौरान देश की राजधानी के साथ-साथ कई राज्यों का दर्शन होता है। श्री रामायण एक्सप्रेस की आॅनलाइन बुकिंग संबंधी सुविधा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ट्रेन की बुकिंग आईआरसीटीसी के देश में 27 टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर से भी हो गई है।
गाड़ी पर रामायण से जुड़े चित्र
रामायण एक्सप्रेस रेलगाड़ी के कोच के बाहर रामायाण से जुड़े तमाम चित्र बने होंगे। सफर के समय ट्रेन में कोच के भीतर भगवान राम से जुड़े भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ जारी रहता है, इससे सैकड़ों तीर्थयात्रियों को ट्रेन में चलते-फिरते मंदिर की मौजूदगी का एहसास होता है। ट्रेन की बाहरी और आंतरिक साज-सज्जा तथा स्वरूप रामायण पर केंद्रित है।

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इन राज्यों की कराती है सैर (Lord Shri Ram)

  • राजस्थान (जययुर)- श्री रामायण यात्रा ट्रेन जयपुर से दिल्ली होते हुए लखनऊ अयोध्या, सीतामढ़ी, वाराणसी, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम, मदुरई पहुंचती है। दिल्ली से चलते हुए इस ट्रेन का पहला पड़ाव अयोध्या में है, इसके बाद यह ट्रेन हनुमान गढ़ी की ओर रवाना होती है।
  • दिल्ली (सफदरजंग)- राजस्थान से अपने गंतव्य की ओर रवाना होने वाली श्रीरामायण ट्रेन दिल्ली से सफदरजंग, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ से भी यात्रा की जा सकती है। इस यात्रा के लिए रवाना होने वाले यात्री अगर अपने साथ श्री रामचरित मानस की प्रति रखें तो यह उनकी इस यात्रा के लिए एक बहुत बड़ी मार्गदर्शिका साबित होगी।
  • उत्तर प्रदेश- इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा स्थल आते हैं। आइए जानें कि उत्तर प्रदेश के वे कौन-कौन से स्थल हैं, जो इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं-
  • अयोध्या (श्री राम जन्मभूमि तथा हनुमानगढ़ी)
    अपने आप में एक अलग तरह का एहसास कराने वाली इस रेलयात्रा के दौरान अयोध्या के अंतर्गत दो महत्त्वपूर्ण पड़ाव पर इस गाड़ी के ठहराव मिलता है। ये ठहराव हैं- श्री राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी। इन दोनों स्थानों पर गाड़ी को लंबा ठहराव दिया जाता है। श्री रामजन्मभूमि को देखने की उत्सुकता के बीच हनुमानगढ़ी का महत्त्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि हनुमानगढ़ी से पूरी अयोध्यानगरी का दर्शन किया जा सकता है।
  • प्रयागराज (त्रिवेणी संगम) हनुमान मंदिर और भारद्वाज आश्रम। इस यात्रा के दौरान श्री रामायण एक्सप्रेस यात्रियों को प्रयागराज में स्थित त्रिवेणी संगम का दर्शन कराती है। यही नहीं इस दौरान यात्रियों की नेत्रों का वहां विराजित शयनस्थ हनुमान के दर्शन का अवसर भी दिया जाता है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं का भारद्वाज आश्रम के भी दर्शन होते हैं।
  • वाराणसी (तुलसी मानस मंदिर और संकट मोचन मंदिर) इस यात्रा के महत्त्वपूर्ण पड़ाव में वाराणसी दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को होता है। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को तुलसी मानस मंदिर, मानस मंदिर तथा संकटमोचन मंदिर का दर्शन कराया जाता है।
  • चित्रकूट (रामघाट और सती अनसुइया मंदिर) श्री रामायण एक्सप्रेस रामभक्त यात्रियों को चित्रकूट का भी दौरा कराती है। इस दौरे में श्रद्धालुओं को रामघाट और अनसुइया मंदिर के दर्शन का अवसर मिलता है। चित्रकूट मयार्दा पुरुषोत्तम Lord Shri Ram के जीवन से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण स्थल है, इसलिए चित्रकूट देखने के प्रति लोगों में विशेष चाहत रहती है। धार्मिक मान्यतानुसार श्रीराम वनवास के दौरान चित्रकूट के घने जंगलों में ठहरे थे।

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