India News (इंडिया न्यूज), Mahakaleshwar Temple: मध्य प्रदेश के उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र मंदिरों में से एक है। यहां हर दिन भक्तों को बाबा महाकाल के दर्शन का विशेष सौभाग्य मिलता है। विशेष रूप से भस्म आरती के समय बाबा महाकाल का श्रृंगार और पूजा का तरीका कुछ अलग ही होता है, जो भक्तों को दिव्य अनुभव कराता है। रविवार को भी यही नजारा देखने को मिला, जब बाबा महाकाल ने भक्तों को अपने निराले रूप में दर्शन दिए।
महाकाल का पंचामृत से हुआ स्नान
रविवार की सुबह 4 बजे बाबा महाकाल अपने भक्तों के लिए जागे। इसके बाद मंदिर के पट खोले गए और भगवान महाकाल का स्नान कराते हुए उन्हें पंचामृत से स्नान कराया गया। पंचामृत में दूध, दही, शहद, घी और शक्कर शामिल थे, जो भगवान की पवित्रता को और बढ़ाते हैं। स्नान के बाद बाबा महाकाल का श्रृंगार भी बेहद आकर्षक तरीके से किया गया। इस श्रृंगार में भांग, काजू, बादाम, किशमिश और चंदन का उपयोग किया गया, जिससे बाबा महाकाल का रूप और भी आकर्षक लगने लगा।
अलग-अलग जगहों से आते है श्रद्धालु
श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। यह आरती मंदिर परिसर को जय श्री महाकाल के उद्घोष से गुंजायमान कर गई। महाकाल के दिव्य दर्शन से भक्त भावविभोर हो गए और उन्होंने बाबा महाकाल की भक्ति में अपने मन को पूरी तरह से समर्पित कर दिया। इस दौरान, महाकालेश्वर मंदिर में भारी संख्या में भक्त आए थे। न केवल उज्जैन, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। भस्म आरती में बाबा महाकाल का रूप और उनका दिव्य आभा देख भक्तों ने मंत्रोच्चारण के साथ आरती की।
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