Friday, May 27, 2022
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भारत में गहराता जा रहा बिजली संकट : 150 पावर प्लांट्स में से 60 फीसदी में कोयले की किल्लत

भीषण गर्मी के साथ साथ देश के कई राज्य इन दिनों बिजली संकट से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिजली संकट के पीछे मुख्य वजह कोयले की कमी है।

इंडिया न्यूज:
देश दुनिया में लगभग तीन साल बाद (कोरोना के बाद) भारतीय अर्थव्यवस्था थोड़ी से पटरी पर अभी आना शुरू हुई थी कि देश में फिर से एक समस्या आ खड़ी हुई कोयले की कमी। बता दें इस समय भारत में कोयला कमी के चलते देश के लगभग 13 से ज्यादा राज्य बिजली संकट से जूझ रहे हैं। ऊपर से गर्मी के तेवर चरमसीमा पर है।

वहीं बीते अप्रैल माह में भारत में बिजली की मांग 13.6फीसदी बढ़कर 132.98 बिलियन यूनिट पहुंच गई है। पिछले साल देश में बिजली की खपत 117.08 बिलियन यूनिट थी। तो सोचिए ऐसे में जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा। आइए जानते हैं इसके बारे में।

कहां कितने प्लांट में कोयला की कमी?

भारत में गहराता जा रहा बिजली संकट : 150 पावर प्लांट्स में से 60 फीसदी में कोयले की किल्लत

  • जानकारी अनुसार बीते 10 अप्रैल 2022 से ही पावर प्लांट्स में कोयले की कमी हो रही है। इसके चलते बिजली की कटौती हो रही है। इससे देश के कई राज्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं ज्ञात हो कि अप्रैल की शुरूआत के साथ ही झारखंड 10-12 फीसदी की औसत बिजली आपूर्ति की कमी से जूझ रहा है। राजस्थान में राज्य सरकार के अधीन 7 पावर प्लांट हैं। इन सभी में कोयले की कमी है।
  • महाराष्ट्र के 7 में से 6, बंगाल के 6 में 6, तमिलनाडु के 4 में से 4, उत्तर प्रदेश के 4 में 3 पावर प्लांट में कोयले की कमी है। एमपी के 4 में से 3 पावर प्लांट कोयले की कमी से जूझ रहे हैं। आंध्र प्रदेश-कर्नाटक में 3-3 पावर प्लांट हैं, जो कोयला संकट का सामना कर रहे हैं। हरियाणा और गुजरात में 3 पावर प्लांट्स में से 2 में कोयले का संकट है।

राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल में हालत सबसे ज्यादा खराब

150 पावर प्लांट्स में से 60 फीसदी में कोयले की किल्लत

  • बता दें देश के 150 पावर प्लांट्स में से 60 फीसदी यानी 88 में कोयले की कमी है। यह बात सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की डेली कोल स्टॉक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट मुताबिक, राजस्थान, महाराष्ट्र, बंगाल में हालत सबसे खराब हैं। जिन 88 पावर प्लांट में कोयले की कमी है। उनमें से 42 राज्य सरकारों के अधीन हैं। जबकि 32 प्राइवेट सेक्टर के हैं। 12 सेंट्रल के पास हैं। जबकि 2 जॉइंट बेंचर के पावर प्लांट हैं।
  • वहीं बीते सोमवार को बिजली व कोयला समस्या से निपटने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक बुलाई थी, जिसमें ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी और मंत्रालय के सचिव सहित कई अफसर शामिल हुए थे। बैठक में सरकार ने असंचालित कोयला आधारित संयंत्रों को पुनर्जीवित करने पर चर्चा की है।

रूस यूक्रेन युद्ध का असर कोयले के आयात पर

150 पावर प्लांट्स में से 60 फीसदी में कोयले की किल्लत

इन दिनों देश भीषण गर्मी से जूझ रहा है। इसके चलते बिजली की मांग बढ़ गई है। दूसरी ओर रूस यूक्रेन युद्ध के चलते कोयले के आयात पर असर पड़ा है। ऐसे में दिल्ली, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, एमपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल में कोयले की किल्लत दिखती नजर आ रही है साथ ही इन राज्यों में लोग बिजली कटौती से भी जूझ रहे हैं।

पंजाब में किसान सड़कों पर

हरियाणा में बिजली की मांग 9000एमडब्ल्यू तक पहुंच गई है। इस समय राज्य में 1500 एमडब्ल्यू बिजली की शॉर्टेज है। उधर, पंजाब में 1725 एमडब्ल्यू बिजली की कमी है। पंजाब में पिछले 1 महीने में मांग 33फीसदी बढ़ी है। इसके चलते दोनों राज्यों में बिजली कटौती हो रही है। उधर, फ्री बिजली का वादा कर पंजाब में ‘आप’ सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। क्योंकि पंजाब में बिजली कटौती के विरोध में किसान सड़कों पर उतर आए हैं।

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