Wednesday, January 26, 2022
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Indian Army Day 2022: भारतीय सेना दिवस, जवान को सलामी का दिन

Indian Army Day 2022

कर्नन पी एन खेड़ा, वी.एस.एम., नई दिल्ली:
Indian Army Day 2022: एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल – हर साल, भारतीय सेना 15 जनवरी को सेना दिवस मनाती है। यह दिन 1949 के उस दिन की याद में मनाया जाता है, जिस दिन जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) केएम करिअप्पा (KM Cariappa) ने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ, जनरल सर एफआरआर बूचर से सशस्त्र सेनाओं की कमान संभाली थी और वे स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद, भारतीय सशस्त्र सेनाओं के प्रथम कमांडर-इन-चीफ बने थे।

Inspirational Quotes on Indian Army Day 2022

Indian Army Day 2022
Leh, Jan 01 (ANI): Indian Army and People’s Liberation Army (PLA) of China exchanged greetings and sweets along the LAC at Demchok on New Year’s Day, in Leh on Saturday. (ANI Photo)

पिछले 7 दशकों में, भारतीय सेना (Indian Army) एक पेशेवर, गैर-राजनीतिक और मानवीय सेना के रूप में उभरी है और अत्यंत प्रतिकूल और विविध परिस्थितियों में उसकी सेवाओं ने सर्वत्र सम्मान अर्जित किया है। दुनिया की किसी भी सेना को शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस नीचे के सियाचिन के तापमान पर और 50 डिग्री के तपते थार मरुस्थल के तापमान पर लड़ने का अनूठा अनुभव हासिल नहीं है। हमारे अफसरों और जवानों को पश्चिम के रेगिस्तानों तथा मैदानी इलाकों में भी और उत्तरपूर्व में घने जंगलों तथा बीहड़ों में भी युद्ध का अनुभव है।

विविधता में एकता की प्रतीक 

लघु भारत के रूप में विख्यात, भारतीय सेना में सभी प्रांतों, सभी जातीय संस्कृतियों के, तथा अलग-अलग भाषा बोलने वाले अफसर और जवान हैं। वे एक साथ रहते हैं, एक साथ खाते-पीते हैं, और राष्ट्र की अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक साथ युद्ध लड़ते हैं और इस प्रकार ‘‘विविधता में एकता’’ का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। भारतीय सेना में, जहां उत्तर भारत के जवान, मसाला दोसा का आनंद लेते हैं, वहीं दक्षिण भारतीय जवान एक ही रसोई में परांठों को चाव से खाते हैं।

Indian Army Day 2022 Quotes in Marathi

Indian Army Day 2022
New Delhi, (ANI): Indian Army Soldiers with tanks take part in Republic Day parade rehearsal, at Rajpath in New Delhi on Sunday. (ANI Photo)

जवानों की धार्मिक आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए, यूनिटों में ‘सर्व धर्म’ मंदिर होते हैं, जहां सभी धर्मों के जवान, अपनी-अपनी आस्थाओं के अनुसार पूजा कर सकते हैं। स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद से जवानों ने सभी लड़ाइयों में सराहना और सम्मान पाया है, वहीं प्राकृतिक तथा आदमी द्वारा उत्पन्न्ा आपदाओं में भी देशवासियों की मदद करके उनका प्यार और आभार अर्जित किया है। भारतीय सेना, उग्रवाद-विरोधी, आतंकवाद-विरोधी अभियानों और पाकिस्तान द्वारा चलाए गए परोक्ष युद्ध में भी कृतज्ञ राष्ट्र की शाबाशी का पात्र बनी है।

भारत को विरासत में नौजवान सैन्य व्यवस्था मिली

बड़ी ही अनूठे और अलग माध्यम, अहिंसा पर आधारित एक सफल राजनीतिक अभियान की परिणति, भारत द्वारा औपनिवेशिक जुआ उतार फेंकने और ब्रिटिश साम्राज्य के पराभव तथा अंत के रूप में हुई। किसी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से दूर और इसी वजह से सैन्य परम्पराओं से परे, भारत को विरासत में एक बहुत ही नौजवान सैन्य व्यवस्था मिली, जिसे युद्ध के उच्च स्तरों पर आजमाया नहीं गया था।

Indian Army Day 2022
New Delhi, (ANI): An Indian Army band performs during the full dress rehearsal for the Army Day Parade, at Army Parade ground, in New Delhi on Thursday. (ANI Photo/ Shrikant Singh)

फिर भी, उसका सामना, स्वतंत्रता प्राप्ति के फौरन बाद, जम्मू-कश्मीर पर आक्रमण से हुआ, जिसका मकसद, उस स्वतंत्रता अधिनियम में निहित विलय के सिद्धांतों की ही उपेक्षा करना था, जिनके आधार पर पाकिस्तान का निर्माण हुआ था। इन परिस्थतियों के चलते दोनों देशों में शीर्ष सैन्य पदों पर अंगे्रज अधिकारी मौजूद रहे और जाते-जाते वे अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए, जो आज भी दोनों सहोदर देशों के लिए कांटों भरा रास्ता रही है।

Indian Army Day 2022 Quotes in Hindi

जम्मू-कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र द्वारा कराए गए युद्धविराम के पांच महीने बाद, भारत सरकार ने भारत में अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल एफआरआर बूचर के स्थान पर पहले भारतीय जनरल के एम करिअप्पा का चयन किया, जिन्होंने यूके इम्पीरियल वार कालेज में किंग्स कमीशंड इंडियन आफीसर (केसीआईओ) के पहले बैच में ट्रेनिंग प्राप्त की थी।

उस समय, केएम करअिप्पा का रैंक लेफ्टिनेंट जनरल का था और वे पश्चिमी कमान के कमांडर-इन-चीफ पद पर थे तथा उन्होंने पाकिस्तानी हमलावरों को खदेड़ने के लिए जोज़िला दर्रे और द्रास तथा कारगिल पर कब्जा करने की योजना बनाई। एक आत्मकथा में, एक इम्पीरियल आर्मी को एक राष्ट्रीय सेना में परिवर्तित करने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया गया है। इसीलिए, उनकी नियुक्ति की तिथि-15 जनवरी 1949 को सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भारतीय सेना का इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा

युद्ध की तपती आग में जन्मी भारतीय सेना का इतिहास, उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1962 में हिमालय की पहाड़ियों पर उसे चीनियों के हाथों हार का अंधेरा देखना पड़ा, लेकिन जिसे बाद 1965 और फिर 1971 में बंगलादेश के निर्माण के रूप में और फिर 1999 में बहुत ही दिक्कतों से भरे दुर्गम युद्धक्षेत्र-कारगिल की शानदार विजयों से जग-मग कर दिया। कारगिल में भारतीय जवानों ने लगभग सीधी चढ़ाई वाली चोटियों पर मजबूती से जमी हुई पाकिस्तान सेना के पांव उखाड़ कर तिरंगा फहराया।

Indian Army Day 2022 Inspirational Quotes

ये युद्धक्षेत्र, हमारे सामंतवादी अतीत की विरासत हैं, पश्चिम में जम्मू-कश्मीर और पूर्व में अरुणाचल प्रदेश में चीनियों की नई आक्रामकता और विस्तारवादी नीतियों के चलते जिन्हें भारतीय सेना द्वारा आने वाले कई सालों तक झेलना होगा। चीन और पाकिस्तान के बीच एक साठ-गांठ है, जो अफ़ग़ानिस्तान से अमरीकी नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बलों (आईएसएएफ) के हटने और वहां के लोगों को अलक़ायदा तथा तालिबान के रहमो-करम पर छोड़ दिया गया।

Indian Army Day 2022
Uttar Pradesh, Aug 13 (ANI): IAF An-32 aircraft, AirWarriors, and Indian Army paratroopers in action during Independence Day celebrations, at BOC Ground in Agra on Friday. (ANI Photo)

अफ़ग़ानिस्तान में फिर से सत्ता पर काबिज होने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों की नज़र कश्मीर की ओर होगी, जहां चीन की मदद से वे पाकिस्तान और चीन के बीच ज़मीन के रास्ते अपने सम्पर्कों को मजबूत करने में लगे हुए हैं लेकिन भारत के सुरक्षा बल उनके इन इरादों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।

Indian Army Day 2022 Images with Quotes

भारतीय सेना का सामरिक सिद्धांत, भारतीय प्रादेशिक अखंडता की रक्षा करना और उसकी अनुल्लंघनीयता को बनाए रखने का रहेगा। अपनी सीमाओं से परे, भारत की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। फिर भी, पाकिस्तान और चीन के दुहरे और साझे खतरे से निपटने और इसके साथ ही भारतीय सीमाओं के भीतर, उत्तरपूर्व में, उल्फा तथा उस जैसे करीब दर्जन भर जातीय संगठनों, तथा बंगलादेश में बढ़ते इस्लामी जिहादियों के ठिकानों और पश्चिम में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर तिरछी नज़र का सामना करने के लिए रणनीतियों में बदलाव आ रहा है।

कारगिल ने दिखा दिया है कि भारतीय इलाके पर कब्जा करने की किसी भी कोशिश की स्थिति में सेना और वायुसेना की संयुक्त कार्रवाई होगी और समुद्र में नौसेना, मोर्चा संभालेगी और दुश्मन की बंदरगाहों की नाकाबंदी करेगी। यही परस्पर कार्रवाई की नई रणनीति होगी।

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