Friday, January 21, 2022
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NITI Aayog MPI Report उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार देश के सबसे गरीब राज्य

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:

NITI Aayog MPI Report उत्तर प्रदेश, झारखंड और बिहार देश के सबसे गरीब राज्य हैं। नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। इसके अनुसार, Punjab Goa, Kerala and Sikkim में सबसे कम गरीब लोग हैं।

MPI की रिपोर्ट में कहा गया है कि Uttar Pradesh की 37.79 फीसदी जनसंख्या गरीब है। वहीं Bihar में 51.91 फीसदी लोग गरीब हैं। इसके अलावा Jharkhand में 42.16 फीसदी जनसंख्या गरीब है। सूचकांक में मध्य प्रदेश में 36.65 फीसदी लोग गरीब हैं जिसे चौथे स्थान पर रखा गया है। इसके अलावा मेघालय में 32.67 फीसदी लोग गरीब हैं और इस राज्य को इस मामले में पांचवां स्थान मिला है।

पंजाब, गोवा, केरल व सिक्किम में सबसे कम गरीब (NITI Aayog MPI Report)

केरल (0.71 फीसदी), गोवा (3.76 फीसदी), Sikkim (3.82 फीसदी), Tamilnadu (4.89 फीसदी) और Punjab  (5.59 फीसदी) सूचकांक के साथ पूरे भारत में सबसे कम गरीबी दर्ज की है। ये राज्य सूचकांक में सबसे नीचे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का राष्ट्रीय MPI का मानक, आक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा विकसित विश्व स्तर पर स्वीकृत और मजबूत कार्यप्रणाली का उपयोग करता है।

जबकि केंद्र शासित प्रदेशों दादरा और नगर हवेली (27.36 फीसदी), जम्मू और कश्मीर व लद्दाख (12.58), दमन और दीव (6.82 फीसदी) और चंडीगढ़ (5.97 फीसदी) सबसे गरीब केंद्र शासित प्रदेश के रूप में उभरे हैं। पुडुचेरी में 1.72 प्रतिशत आबादी ही गरीब है, जबकि लक्षद्वीप में 1.82 प्रतिशत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4.30 प्रतिशत और दिल्ली में 4.79 प्रतिशत गरीब हैं।

भारत के आयाम में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर (NITI Aayog MPI Report)

भारत के एमपीआई में तीन समान आयाम, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर हैं। ये पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, प्रसवपूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पीने का पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते जैसे 12 संकेतकों द्वारा दर्शाए जाते हैं।

2015 में 193 देशों द्वारा अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों ढांचे ने दुनिया भर में विकास की प्रगति को मापने के लिए विकास नीतियों, सरकारी प्राथमिकताओं और मैट्रिक्स को फिर से परिभाषित किया है। 17 वैश्विक लक्ष्यों और 169 लक्ष्यों के साथ एसडीजी ढांचा अपने पूर्ववर्ती मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स (एमडीजी) की तुलना में काफी व्यापक है।

MPI का विकसित होना बेहतर : राजीव (NITI Aayog MPI Report)

नीति आयोग के उपाध्यक्ष Rajiv Kumar ने अपने प्रस्ताव में कहा कि भारत के राष्ट्रीय MPI का विकसित होना एक सार्वजनिक नीति उपकरण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान है जो बहुआयामी गरीबी की निगरानी करता है, साक्ष्य-आधारित और केंद्रित हस्तक्षेपों के बारे में सूचित करता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी पीछे रह गया है।

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