“मंहगाई-बेरोजगारी की तो इसमें बात ही नहीं” बजट पर विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना 

Opposition reaction on the budget :वर्ष 2023-24 के लिए बजट का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस बजट के जरिए देश के हर वर्ग के लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। मध्यमवर्गीय लोगों के लिए इनकम टैक्स के स्लैब में 8 साल बड़ा बदलाव कर इसकी सीमा को 5 से 7 लाख तक बढ़ा गया है तो वहीं मध्यमवर्ग से नीचे आने वाले परिवरों को लिए पीएम आवास योजना के बजट में बड़ा इजाफा कर इसे 66 प्रतिशत बढ़ाकर 79,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

बात करें किसानों कि तो केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देते हुए कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये तक करने का फैसला लिया गया है। हालांकि इन सबके बीच विपक्ष की प्रतिक्रिया भी बजट पर सामने आ चुकी है। आइए जानते हैं कि विपक्ष ने इसपर क्या- कुछ प्रतिक्रिया दी है…..

 

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की प्रतिक्रिया

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बजट से पता चलता है कि सरकार ने आम लोगों के जीवन और आजीविका के बारे में उनकी चिंताओं और अमीर और गरीब के बीच बढ़ती असमानता के बारे में परवाह नहीं की है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहीं भी बेरोजगारी, गरीबी या असमानता जैसे शब्दों का जिक्र नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस बजट से किसे फायदा हुआ है यह कहना मुश्किल है, लेकिन मेरा मानना है कि इस बजट से निश्चित तौर पर गरीबों, नौकरी की तलाश में भटक रहे नौजवानों, नौकरी से निकाले जाने वाले युवा, करदाता और गृहिणी को कुछ भी राहत नहीं मिली है।

 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बोले-  ‘मंहगाई-बेरोजगारी की तो इसमें बात ही नहीं’

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मोदी सरकार द्वारा 3-4 राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया गया है। बजट में गरीबों के लिए और महंगाई पर काबू पाने के लिए कुछ नहीं है। इसमें युवाओं को नौकरी के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया, सरकारी रिक्तियों और मनरेगा को भरने के लिए सरकार के द्वारा कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि कुल मिलाकर कहें तो मोदी सरकार ने लोगों का जीना दूर्लभ  कर दिया है। देश की अर्थव्यवस्था को गहरा आघात पहुंचा है। मोदी सरकार ने देश के धन को लूटने के अलावा कुछ नहीं किया है। इस बजट को ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे बजट’ (घोषणाओं पर बड़ा और वितरण पर छोटा) कहा जाए तो कुछ भी गलत नहीं है।

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