Thursday, January 20, 2022
HomeNationalUnemployment Rate कोरोना महामारी का असर: भारत में गांवों से ज्यादा शहरों...

Unemployment Rate कोरोना महामारी का असर: भारत में गांवों से ज्यादा शहरों में बेरोजगारी

इंडिया न्यूज, नई दिल्ली:

Unemployment Rate देश दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर मुंह बाएं खड़ी है। वहीं इस महामारी के चलते कई देशों में बेरोजगारी का संकट गहरा गया है। भारत में बेरोजगारी दर दिसंबर (2021) में रिकॉर्ड 7.91 फीसदी पर पहुंच गई है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) के अनुसार यह दर बीते चार माह में सबसे ज्यादा है।

बता दें 2021 में अक्टूबर को छोड़कर बाकी 11 माह भारत में गांवों की तुलना में शहरों में ज्यादा बेरोजगारी रही। शहरों में काम करने की इच्छा और स्किल होने के बावजूद लोगों के पास कोई नौकरी नहीं है। ऐसे में ओमिक्रॉन की वजह से पाबंदियों का दौर लौटता है, तो देश में बेरोजगार युवाओं की संख्या और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। (Unemployment Rate)

आमतौर पर हर भारतीय की सोच होती है कि गांव में काम नहीं मिल रहा हो तो शहरों की तरफ कूच करो। शहरों में नौकरी के ज्यादा मौके होते हैं, ऐसे में शहरों में काम मिल जाएगा, लेकिन सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में अक्टूबर को छोड़ दें तो, बाकी 11 महीनों में शहरी बेरोजगारी दर ग्रामीण बेरोजगारी दर से ज्यादा रही है।

ग्रामीण बेरोजगारी दर कम होने की दो मुख्य वजह हैं। पहला अच्छा मौसम होने से दूसरी लहर के दौरान शहर से गांव आने वाले लोगों को खेतों में काम मिला। दूसरा यह है कि अलग-अलग राज्यों की सरकार ने भी मनरेगा के जरिए लोगों को रोजगार दिया। (Unemployment Rate)

दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ पहुंची बेरोजगारी

भारत में सबसे कम बेरोजगारी दर सितंबर 2021 में 6.9 फीसदी थी। अक्टूबर में 7.8 फीसदी पर रही। नवंबर में ओवरआॅल बेरोजगारी दर 7 फीसदी रही। वहीं, दिसंबर 2021 में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर 7.9 फीसदी पर पहुंच गई। भारत में सबसे ज्यादा दूसरी लहर के दौरान मई 2021 में बेरोजगारी दर 11.84 फीसदी रही।

सीएमआईई के सीईओ कहना है कि ‘दिसंबर में बड़ी तादाद में नए लोग रोजगार के लिए नौकरी खोजते हुए शहर आए। इनकी संख्या 85 लाख थी। इनमें 40 लाख को काम मिला, जबकि 45 लाख को काम नहीं मिला।’ (Unemployment Rate)

क्या हैं शहर आने की दो मुख्य वजह

खरीफ फसल: (धान) की कटाई अक्टूबर में होने के बाद गांव के लोग शहर की तरफ काम के लिए लौटे। रबी फसल: गेहूं, जौ, सरसों, मसूर आदि की बुआई अक्टूबर-नवंबर माह में होती है। इसके बाद गांव के लोग काम के लिए शहर पहुंचे।

भारत के पांच राज्यों में सबसे कम और ज्यादा बेरोजगारी दर है?

देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी वाला राज्य हरियाणा है। दिसंबर में हरियाणा की बेरोजगारी दर 34.1 फीसदी रही है। राजस्थान 27.1 फीसदी बेरोजगारी दर के साथ दूसरे नंबर पर है। झारखंड तीसरे और बिहार चौथे स्थान पर है। वहीं, सबसे कम बेरोजगारी वाले राज्यों की बात करें तो कर्नाटक 1.4 फीसदी बेरोजगारी दर के साथ पहले स्थान पर है। दूसरे नंबर पर गुजरात है। (Unemployment Rate)

किस सेक्टर में कितनी बेरोजगारी दर?

कोरोना महामारी के बाद 2020-21 में सबसे ज्यादा बेरोजगारी की मार असंगठित क्षेत्र के हॉकर और रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वालों पर पड़ी है। 2019-20 की तुलना में 2020-21 में असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या 14.5 फीसदी की दर से घटी है। सिर्फ कृषि क्षेत्र में 2021 में रोजगार की स्थिति सही रही है।

कृषि क्षेत्र में रोजगार की बात करें तो 2020 की तुलना में 2021 में 7.7 फीसदी की दर से वृद्धि हुई है। नौकरी और बिजनेस करने वालों के लिए भी 2021 साल सही नहीं रहा है। 2019 की तुलना में चार मुख्य सेक्टर बिजनेस, नौकरी, असंगठित क्षेत्र , कृषि की बात करें तो खेती-किसानी छोड़ बाकी सभी सेक्टर में बेरोजगारी बढ़ी है।

Unemployment Rate

Also Read : Omicron New Symptoms ओमिक्रॉन के नए लक्षणों ने बढ़ाई चिंता, दिखें ये लक्षण तो रहें अलर्ट

Connect With Us : Twitter | Facebook Youtube

SHARE

Sameer Sainihttp://indianews.in
Sub Editor @indianews | Quick learner with “can do” attitude | Have good organizing and management skills
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

- Advertisment -
SHARE