India News (इंडिया न्यूज), Rajasthan News: आगामी केंद्रीय बजट 2025 को लेकर शिक्षा नगरी कोटा में खासा उत्साह और उम्मीदें देखी जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, देशभर के लाखों छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग देने वाले इस शहर की नजरें इस बार के बजट में शिक्षा क्षेत्र को मिलने वाले लाभ पर टिकी हुई हैं।

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छात्रों की मांग – शिक्षा पर टैक्स हटे

ऐसे में, कोटा में कोचिंग करने वाले छात्रों का मानना है कि सरकार को शिक्षा से जुड़े उत्पादों और सेवाओं को जीएसटी व अन्य करों से मुक्त करना चाहिए। बता दें,छात्रों का कहना है कि शिक्षा संस्थानों पर टैक्स लगाने से कोचिंग और पढ़ाई महंगी हो जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा, छात्रों ने किताबों, पेन, पेंसिल और अन्य स्टडी मैटेरियल से भी टैक्स हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे महंगा नहीं बनाया जाना चाहिए।

कोचिंग संस्थानों को भी उम्मीदें

इस मुद्दे पर कोटा के कोचिंग संस्थान भी इस बजट से कई उम्मीदें लगाए बैठे हैं। शिक्षाविदों का मानना है कि सरकार को कोचिंग सेक्टर को अधिक मान्यता देनी चाहिए और शिक्षा नीति में सुधार लाने के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए, साथ ही कोचिंग संचालकों का कहना है कि अगर सरकार शिक्षा पर करों में राहत देती है, तो इससे लाखों छात्रों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को भी बढ़ावा देने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, कोटा के छात्रों और शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार के बजट में शिक्षा क्षेत्र को अधिक प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही, जिससे पढ़ाई का बोझ छात्रों पर कम हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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