Live TV
Search
Home > अजब गजब न्यूज > चिलचिलाती धूप में 90 साल की सास को पीठ पर लेकर बैंक पहुंची बहू, छत्तीसगढ़ का ये वीडियो झकझोर देगा

चिलचिलाती धूप में 90 साल की सास को पीठ पर लेकर बैंक पहुंची बहू, छत्तीसगढ़ का ये वीडियो झकझोर देगा

Chhattisgarh Viral Video: छत्तीसगढ़ में एक बहू अपनी 90 साल की बुजुर्ग सास को अपनी पीठ पर लादकर चिलचिलाती धूप और गर्मी में ले जा रही है. इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस दिल को छू लेने वाली वीडियो ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है.

Written By:
Last Updated: May 24, 2026 19:32:29 IST

Mobile Ads 1x1

Bahu Carries Mother in Law: छत्तीसगढ़ में एक बहू को चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अपनी 90 साल की बुज़ुर्ग सास को अपनी पीठ पर लादकर ले जाते हुए देखा गया. दरअसल, यह बहू एक बैंक की ओर जा रही थी एक ऐसी यात्रा जिसमें घने जंगलों, पथरीले रास्तों और छोटी-छोटी नदियों को पार करना शामिल था.

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस दिल को छू लेने वाले वीडियो ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है, और साथ ही ग्रामीण इलाकों में सरकारी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं.

पेंशन के लिए एक कठिन यात्रा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में दिख रही महिला का नाम सुखमनिया बाई है. वह अपनी सास को अपनी पीठ पर लगभग 9 किलोमीटर तक ढोकर बैंक तक ले गई, ताकि वह बुज़ुर्ग महिला अपनी पेंशन ले सके. इस इलाके में सड़क और परिवहन की सुविधाएं बेहद खराब हैं; नतीजतन, स्थानीय लोगों को अक्सर कई किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है. घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के कारण यह यात्रा और भी कठिन हो जाती है. गांव वालों का कहना है कि इस इलाके में रहने वाले बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए बैंक तक पहुँचना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है.

वीडियो में कैद एक दिल दहला देने वाली मजबूरी

जब वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने महिला से पूछा कि वह अपनी सास को इतनी लंबी दूरी तक अपनी पीठ पर क्यों ढोकर ले जा रही है, तो उसने बताया कि पेंशन लेने के लिए बुज़ुर्ग महिला का बैंक में खुद मौजूद होना जरूरी है. बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन और पहचान की पुष्टि के बिना पेंशन की रकम नहीं दी जाती है. महिला ने आगे बताया कि गांव में किसी भी तरह के वाहन की सुविधा न होने के कारण, उनके पास पैदल यात्रा करने के अलावा कोई और चारा नहीं था. इस रास्ते में कई छोटी-छोटी नदियाँ पार करनी पड़ती हैं और ऊबड़-खाबड़, खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है.

बातचीत के दौरान, एक और महिला ने बताया कि पहले पेंशन का भुगतान आसानी से गांव में ही मिल जाता था, या स्थानीय सरकारी अधिकारी सीधे लोगों के दरवाज़े तक पहुंचा देते थे. लेकिन, अब वह सुविधा बंद कर दी गई है. नतीजतन, अब परिवारों को अपने बुज़ुर्ग सदस्यों को खुद बैंक तक ले जाना पड़ता है. हर परिवार को लगभग ₹1,500 की पेंशन मिलती है यह रकम अक्सर कई महीनों की एक साथ दी जाती है. इतनी कम रकम के लिए इतनी कठिन यात्रा करने की जरूरत ने स्थानीय निवासियों में काफ़ी परेशानी पैदा कर दी है.

MORE NEWS

Home > अजब गजब न्यूज > चिलचिलाती धूप में 90 साल की सास को पीठ पर लेकर बैंक पहुंची बहू, छत्तीसगढ़ का ये वीडियो झकझोर देगा

Written By:
Last Updated: May 24, 2026 19:32:29 IST

Mobile Ads 1x1

Bahu Carries Mother in Law: छत्तीसगढ़ में एक बहू को चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अपनी 90 साल की बुज़ुर्ग सास को अपनी पीठ पर लादकर ले जाते हुए देखा गया. दरअसल, यह बहू एक बैंक की ओर जा रही थी एक ऐसी यात्रा जिसमें घने जंगलों, पथरीले रास्तों और छोटी-छोटी नदियों को पार करना शामिल था.

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है. इस दिल को छू लेने वाले वीडियो ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है, और साथ ही ग्रामीण इलाकों में सरकारी सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं.

पेंशन के लिए एक कठिन यात्रा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में दिख रही महिला का नाम सुखमनिया बाई है. वह अपनी सास को अपनी पीठ पर लगभग 9 किलोमीटर तक ढोकर बैंक तक ले गई, ताकि वह बुज़ुर्ग महिला अपनी पेंशन ले सके. इस इलाके में सड़क और परिवहन की सुविधाएं बेहद खराब हैं; नतीजतन, स्थानीय लोगों को अक्सर कई किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है. घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों के कारण यह यात्रा और भी कठिन हो जाती है. गांव वालों का कहना है कि इस इलाके में रहने वाले बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए बैंक तक पहुँचना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है.

वीडियो में कैद एक दिल दहला देने वाली मजबूरी

जब वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने महिला से पूछा कि वह अपनी सास को इतनी लंबी दूरी तक अपनी पीठ पर क्यों ढोकर ले जा रही है, तो उसने बताया कि पेंशन लेने के लिए बुज़ुर्ग महिला का बैंक में खुद मौजूद होना जरूरी है. बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन और पहचान की पुष्टि के बिना पेंशन की रकम नहीं दी जाती है. महिला ने आगे बताया कि गांव में किसी भी तरह के वाहन की सुविधा न होने के कारण, उनके पास पैदल यात्रा करने के अलावा कोई और चारा नहीं था. इस रास्ते में कई छोटी-छोटी नदियाँ पार करनी पड़ती हैं और ऊबड़-खाबड़, खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ता है.

बातचीत के दौरान, एक और महिला ने बताया कि पहले पेंशन का भुगतान आसानी से गांव में ही मिल जाता था, या स्थानीय सरकारी अधिकारी सीधे लोगों के दरवाज़े तक पहुंचा देते थे. लेकिन, अब वह सुविधा बंद कर दी गई है. नतीजतन, अब परिवारों को अपने बुज़ुर्ग सदस्यों को खुद बैंक तक ले जाना पड़ता है. हर परिवार को लगभग ₹1,500 की पेंशन मिलती है यह रकम अक्सर कई महीनों की एक साथ दी जाती है. इतनी कम रकम के लिए इतनी कठिन यात्रा करने की जरूरत ने स्थानीय निवासियों में काफ़ी परेशानी पैदा कर दी है.

MORE NEWS