Delhi Bus Strike Tomorrow 17 September: दिल्ली में अगर आप भी 17 सितंबर को बस से सफर करने की सोच रहे हैं, तो जरा संभलकर! DTC ड्राइवरों की अचानक हड़ताल ने बुरारी, नांगलोई और नेहरू प्लेस समेत कई बड़े इलाकों की रफ्तार रोक दी है. लेकिन इस हड़ताल के पीछे ड्राइवरों की मांग क्या है और क्या 17 सितंबर को आपकी बस का रूट भी पूरी तरह ठप रहने वाला है? पढ़ें इस खबर में...
17 सितंबर को बस ड्राइवरों की हड़ताल! बुरारी से नेहरू प्लेस तक..., जानिए किन इलाकों में सफर होगा मुश्किल
दिल्ली में दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) के ड्राइवरों की हड़ताल के कारण बस सेवा बहुत बुरी तरह प्रभावित हुई है. इस वजह से सड़कों पर निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. ड्राइवर अपनी तनख्वाह बढ़ाने, बेहतर इलाज की सुविधा और सोशल सिक्योरिटी जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ड्राइवरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह हड़ताल जारी रहेगी.
16 सितम्बर बुधवार को हड़ताल के चलते बुरारी, नांगलोई, रेवला खानपुर, जीटीके (GTK), नेहरू प्लेस और शादीपुर जैसे कई बड़े डिपो से बसें बाहर ही नहीं निकलीं. रिपोर्टों के मुताबिक, ज्यादातर बसें डिपो में ही खड़ी रहीं और ड्राइवर बाहर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करते रहे. कुछ इलाकों में तो चलती बसों को बीच रास्ते में ही रोक दिया गया और सवारियों को नीचे उतार दिया गया. इसके बाद लोगों को ऑटो, कैब या मेट्रो का सहारा लेना पड़ा. ऐसे में 17 सितम्बर को भी इन डिपो पर हड़ताल रहने की आशंका है
बुधवार को छात्रों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई, क्योंकि दिल्ली में बड़ी आबादी सफर के लिए इन बसों पर ही निर्भर रहती है. बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिली और लोगों को काफी देर इंतजार करना पड़ा.
यह हड़ताल करने वाले ड्राइवर प्राइवेट ऑपरेटरों के जरिए DTC में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करते हैं. ड्राइवरों का कहना है कि उन्हें बहुत कम सैलरी मिलती है. उन्हें न तो कोई मेडिकल इंश्योरेंस मिलता है, न छुट्टियां और न ही सालाना बोनस. यूनियन के नेताओं के अनुसार, 10-15 साल से काम कर रहे ड्राइवरों को भी कम से कम मजदूरी दी जाती है, जबकि पक्के DTC ड्राइवरों को उसी काम के लिए काफी ज्यादा सैलरी मिलती है.
यूनियन के प्रतिनिधियों का कहना है कि ड्राइवरों को एक दिन की भी साप्ताहिक छुट्टी नहीं मिलती. अगर कोई ड्राइवर बीमार पड़ जाता है, तो उस दिन का पैसा काट लिया जाता है. ऐसी हालत में बीमार ड्राइवरों से बस चलवाना यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा है.
‘DTC कर्मचारी एकता यूनियन’ का कहना है कि यह हड़ताल आगे भी जारी रहेगी, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हालांकि दिल्ली सरकार और परिवहन विभाग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यूनियन का कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर बात करने को तैयार होती है, तो वे चर्चा के लिए तैयार हैं.
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