इंडिया न्यूज, New Delhi News। डीसीजीआई ने भारत बायोटेक की नाक के रास्ते दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को दी। बता दें कि यह भारत की पहली नेजल वैक्सीन होगी। जिससे भारत में कोरोना के खिलाफ जंग को एक नई मजबूती मिलेगी। बता दें कि भारत ने अभी तक 100 करोड़ कोविड टीकाकरण करके एक रिकॉर्ड कायम किया है।
स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने ट्वीट पर दी जानकारी
बता दें कि यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट पर दी है। उन्होंने लिखा है कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत ने एक बड़ी छलांग लगाई है।
भारत बायोटेक की नाक के रास्ते दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन को डीसीजीआई की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने लिखा कि इसके बाद यह दवा भारत में 18 साल से ज्यादा के लोगों को इमरजेंसी की हालत में दी जा सकेगी।
सबके प्रयास से कोरोना को पूरी तरह से हराएगा भारत
स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन के आने के बाद भारत कोरोना महामारी से और बेहतर ढंग से मुकाबला कर पाएगा।
डॉ. मंडाविया ने लिखा कि भारत ने भारत ने पीएम मोदी के नेतृत्व में कोविड-19 से लड़ाई के खिलाफ विज्ञान, शोध और अपने संसाधनों का बखूबी इस्तेमाल किया। इस वैज्ञानिक अप्रोच और सबके प्रयास से भारत कोरोना को पूरी तरह से हराने में कामयाब होगा।