India News (इंडिया न्यूज), Earthquake in Myanmar: म्यांमार में 7.2 तीव्रता का बड़ा भूकंप आया है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इसकी तीव्रता का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसके प्रभाव से भारत में भो धरती कांप उठी। हालांकि यहां अभी तक किसी बहुत भारी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि नुकसान हुआ है।
दुनिया भर के अलग-अलग देशों में लगभग हर साल भूकंप आते हैं। भूकंप के तेज झटकों की वजह से बड़ी-बड़ी इमारतें भी जमींदोज हो जाती हैं।
जापान में आते हैं सबसे ज्यादा भूकंप
आपको बता दें कि जापान ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं। जापान में भूकंप आने के पीछे कई कारण हैं। हाल ही में जापान के क्यूसु में 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था। पृथ्वी 12 टेक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है। इन प्लेटों के टकराने पर जो ऊर्जा निकलती है, उसे भूकंप कहते हैं। भूकंप की तीव्रता 1 से 9 के आधार पर मापी जाती है।
कितनी तीव्रता के भूकंप में गिरने लगती हैं इमारतें?
अब सवाल यह है कि भूकंप की तीव्रता क्या होती है, जिससे इमारतें गिर जाती हैं। जानकारी के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है। साथ ही, ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है। सके अलावा रिक्टर स्केल पर 7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर इमारतें ढह जाती हैं।
8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर सुनामी का खतरा बढ़ जाता है, जिससे इमारतों के साथ बड़े पुल भी गिर सकते हैं। 9 से अधिक तीव्रता वाला भूकंप आपदा माना जाता है। इस तीव्रता पर इंसानों को धरती हिलती हुई दिखाई देने लगेगी। इसके अलावा सुनामी से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है।
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