India News Delhi (इंडिया न्यूज़),CM Yogi Adityanath: लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदन की कार्यवाही क्षेत्रीय भाषाओं जैसे भोजपुरी, अवधी, ब्रज, बुंदेलखंडी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी होने पर आपत्ति जताई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भड़क गए। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि आप लोग अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाएंगे और आम लोगों के बच्चों को उर्दू पढ़ाकर आप देश को कट्टरवाद की ओर ले जाएंगे। ऐसा नहीं चलेगा।

हाइलाइट्स

  • योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष के बीच तीखी बहस
  • योगी ने अंग्रेजी और उर्दू पर की विवादित टिप्पणी
  • क्षेत्रीय भाषाओं के लिए बनेगी अकादमी
दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी सदस्य जिस भाषा में चाहे बोल सकता है, उसे कैसे और कहां सुना जा सकता है। इस पर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि भोजपुरी, अवधी, ब्रज और बुंदेलखंडी ठीक है लेकिन मैं अंग्रेजी का विरोध करता हूं। आप इसे बहुमत से पारित करा सकते हैं, लेकिन हम इसका विरोध करेंगे।

समाजवादियों का चरित्र दोहरा है

इसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि हमारी सरकार में भोजपुरी, अवधी, ब्रज और बुंदेलखंडी को सम्मान मिल रहा है। ये सभी हिंदी की बेटियां हैं। हमें इसका स्वागत करना चाहिए, लेकिन विपक्ष का काम विरोध करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन के सदस्य समाज के विभिन्न वर्गों से आए हैं। इसलिए समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति की आवाज भी उठनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि कोई हिंदी में बात नहीं करता, भोजपुरी में बात नहीं करता और उर्दू की वकालत कर रहा है। यह कैसा आचरण है? समाजवादियों का चरित्र इतना दोहरा हो गया है कि वे अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में भेजेंगे और आम लोगों के बच्चों को गांव के स्कूल में जहां सुविधाओं का अभाव है। इसलिए मैं कहता हूं ‘जाकी रही भावना जैसी, प्रभु सूरत तीन देखी वैसी’।

समाजवादियों को बेनकाब किया जाना चाहिए

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इसके लिए हमारी सरकार बधाई देती है। हमारी सरकार इन क्षेत्रीय भाषाओं के लिए अकादमी भी बना रही है। आज जब सम्मान दिया जा रहा है तो आप उसका विरोध कर रहे हैं। आप हर अच्छे काम का विरोध करेंगे। मुझे लगता है कि यह कार्यवाही का हिस्सा होना चाहिए और इन लोगों को देश के सामने बेनकाब किया जाना चाहिए। यह आपका पाखंड है। आप अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाएंगे। लेकिन अगर सरकार दूसरे बच्चों के लिए कुछ करना चाहती है तो आप कहेंगे नहीं, उन्हें उर्दू पढ़ाओ। आप बच्चों को मौलवी बनाना चाहते हैं। आप देश को कट्टरवाद की ओर ले जाना चाहते हैं।