भगत सिंह के 7 शेर, जो खून में ला देंगे उबाल

भगत सिंह के 7 शेर, जो खून में ला देंगे उबाल

आज 23 मार्च को शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को फांसी दी गई थी. जानिए भगत सिंह के कुछ प्रसिद्ध शेर-ओ-शायरी. 

लिख रहा हूं मैं अंजाम, जिसका कल आगाज आएगा मेरे लहू का हर एक कतरा,  इंकलाब लाएगा

मैं रहूं या न रहूं पर, ये वादा है मेरा तुझसे मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा

मैं रहूं या न रहूं पर, ये वादा है मेरा तुझसे मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा

बम और पिस्तौल क्रांति नहीं करते. क्रांति की तलवार विचारों के पत्थर पर तेज होती है.

वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते. वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे.

हम अपने खून से लिक्खें कहानी ऐ वतन मेरे करें कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे

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