एक ही धुन पर बने ये गाने लेकिन राग अलग, देखें लिस्ट

पुरानी फिल्मों में कई ऐसे गाने बने हैं, जिनकी धुन तो एक ही है लेकिन उनके राग अलग-अलग हैं.

'सागर किनारे दिल ये पुकारे' गाने को ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया पर फिल्माया गया है. ये 1985 में रिलीज हुई फिल्म सागर का गाना है. इस गाने को किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाया है. 

'हमें और जीने की चाहत न होती' गाना 1983 में रिलीज हुई फिल्म अगर तुम न होते का है. इसे लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने गाया है. इसे राजेश खन्ना, राज बब्बर और रेखा पर फिल्माया गया है. 

'हमें रास्तों की जरूरत नहीं है, हमें तेरे पांव के निशान मिल गए' गाने को आशा भोसले ने गाया है. ये 1981 में रिलीज हुई फिल्म नरम-गरम फिल्म का गाना है, जिसे स्वरूप संपत और अमोल पालेकर पर फिल्माया गया है.

'यही है तमन्ना, तेरे दर के सामने मेरी जान जाए' को धर्मेंद्र और सुप्रिया के लिए फिल्माया गया था. ये 1964 में रिलीज हुई फिल्म आप की परछाईयां का गाना है, जिसे मोहम्मद रफी ने अपनी आवाज दी है. 

1966 में रिलीज हुई फिल्म ममता का गाना 'रहें ना रहें हम, महका करेंगे बनके कली' को लता मंगेशकर ने गाया है. इस गाने को धर्मेंद्र और सुचित्रा सेन पर फिल्माया गया है.

'कहा था जो तुमने क्यों मैंने माना' 1993 में रिलीज हुई फिल्म प्यार का तराना का गाना है, जिसे लता मंगेशकर ने गाया था. इस गाने को अनीता अयूब और मनु गार्गी पर फिल्माया गया था.

'ठंडी हवाएं लहराके आएं, रुत है जवां' गाना 1951 में रिलीज हुई फिल्म नौजवान का गाना है. 

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