चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन करें माँ ब्रह्मचारिणी के इन मंत्रों का जाप

चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन करें माँ ब्रह्मचारिणी के इन मंत्रों का जाप

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का होता है, जिनके हाथ में जपमाला और कमंडलु होता है, जो तपस्या, संयम और ज्ञान का प्रतीक है.

मां ब्रह्मचारिणी हिमालय की पुत्री हैं और उन्होंने घोर तपस्या करके शिव को पति रूप में प्राप्त किया था.

कहा जाता है जो व्यक्ति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा पूरी श्रद्धा औरभाव से करता है, तो उस व्यक्ति का असंभव कार्य भी संभव हो जाता है.

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में इन मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए, ऐसा करने से आपके हर बिगड़े काम पूरे हो जाते हैं.

"ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:"

"ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:"

"या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

"दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥"

"तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्। ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥ शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी। शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणीप्रणमाम्यहम्॥"

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