आखिर कैसे 'भाभीजी घर पर हैं' ने फीकी कर दी बॉलीवुड की बड़ी कॉमेडी फिल्में

आखिर कैसे 'भाभीजी घर पर हैं' ने फीकी कर दी बॉलीवुड की बड़ी कॉमेडी फिल्में

शो का देसी कानपुरिया अंदाज़ और मज़ेदार लहज़ा दर्शकों को जोड़ने का काम करता है. 

अंगूरी और अनीता भाभी के विपरीत व्यक्तित्व कॉमेडी में नयापन लेकर आते हैं. 

विभूति और मनमोहन की आपसी नोक-झोंक हर एपिसोड में जान डालकर खूब हंसाती है. 

शो के सहायक पात्र जैसे हप्पू सिंह और सक्सेना अपनी अलग पहचान बनाए रखने की कोशिश करते हैं. 

इसके संवाद और 'सही पकड़े हैं' जैसी भाषा अब घर-घर में बेहद ही मशहूर है. 

बिना किसी भारी-भरकम सेट के यह शो अपनी लिखावट से बड़ी फिल्मों को टक्कर देता है. 

सालों बाद भी शो की ताजगी और मनोरंजन का स्तर कम नहीं हुआ है, लोग जमकर देखते हैं. 

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