
पूर्णिमा के दिन आसमान में चांद बेहद खूबसूरत और अद्भुत दिखाता हैं
ऐसा इसलिए, क्योंकि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी पूरी कलाओं के साथ होता है, इस दौरान चंद्रमा की किरणें अमृत के समान मानी जाती है.
पूर्णिमा के चांद का गोल आकार और उसकी तीव्र रोशनी मन में शांति और आश्चर्य का भाव पैदा करती है, जो जादुई और काव्यात्मक अनुभव होता है
वैज्ञानिक दिष्टीकोर्ण के अनुसार, पूर्णिमा के दिन, सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं.
ऐसा होने से सूर्य का प्रकाश चंद्रमा के पूरे हिस्से पर पड़ता है, जिसे हम पृथ्वी से देखते तो वो पूरा गोल और चमकदार दिखता है.
पूर्णिमा के दिन चंद्रमा बहुत उज्ज्वल और शक्तिशाली प्रकाश पृथ्वी पर बिखेरता है, जिससे रात में भी सब कुछ स्पष्ट दिखता है
ऐसे में सुर्य और चंद्रमी की किरणे साथ होती है, जिसकी वजह से धार्मिक दिष्टी के अनुसार पूर्णिमा के चांद की किरणें अमृत के समान मानी जाती है.
पूर्णिमा के दिन चंद्र दर्शन करना और चंद्र को अर्घ देना बेहद शुभ और फलदायी मानी जीती हैं
कहा जाता हैं कि पूर्णिमा के दिन चंद्र को अर्घ देने से कुंडली में चंद्र दोष खत्म होता है.