निकोटिन और सामाजिक दबाव कैसे बनाते हैं आपको धूम्रपान का आदी?

निकोटिन और सामाजिक दबाव कैसे बनाते हैं आपको धूम्रपान का आदी?

तंबाकू में मौजूद निकोटिन मस्तिष्क में डोपामाइन (खुशी महसूस कराने वाला रसायन) जारी करता है, जिससे इसकी बार-बार करने की इच्छा पैद होती है.

कई लोग तनाव, चिंता या फिर थकान से राहत पाने के एक गलत तरीके के रूप में सिगरेट पीने की शुरुआच करते हैं.

चाय, कॉफी या खाने के बाद सिगरेट पीने जैसी दिनचर्या इसे एक गहरी शारीरिक आदत में पूरी तरह से बदल देती है. 

तो वहीं, सिनेमा और मीडिया में धूम्रपान को 'कूल' या 'स्टाइलिश' दिखाए जाने से युवा इसकी तरफ तेजी से आकर्षित होते हैं. 

निकासी के लक्षण एक बार शुरू करने के बाद, सिगरेट न मिलने पर होने वाली बेचैनी और चिड़चिड़ापन व्यक्ति को दोबारा पीने पर मजबूर कर देता है. 

इसके साथ ही दोस्तों के दबाव या सामाजिक कार्यक्रमों में खुद को आधुनिक दिखाने की चाहत ज्यादातर इस लत की शुरुआत करती है.

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