कोई डिश नहीं, एक गलती है डोसा! हिस्ट्री जान रह जाएंगे दंग

साउथ इंडिया का पसंदीदा नाश्ता डोसा पूरे देश में पसंद किया जाता है लेकिन बहुत से लोग इसका इतिहास नहीं जानते.

चावल और उड़द की दाल से बनने वाले डोसा का इतिहास काफी दिलचस्प है. 

कहा जाता है कि डोसा कोई पारंपरिक डिश नहीं है बल्कि ये डिश धोखे से बन गई थी.

एक कथा में कहा गया है कि डोसा एक उडुपी ब्राह्मण रसोइए का आविष्कार है. 

वो अपनी धार्मिक बेड़ियों से आजाद होना चाहता था. ब्राह्मणों के लिए शराब वर्जित थी.

उसने चावल को फर्मेंट करके शराब बनाने की कोशिश की. इसके लिए चावल फर्मेंट होने के लिए रख दिया. 

अगले दिन सुबह के समय वो बैटर खट्टा हो गया है लेकिन उससे भी शराब नहीं बनी. ब्राह्मण ने गुस्से में उस शराब को फेंक दिया.

ये फेंका हुआ बैटर तवे पर जा गिरा और पतली सी परत बन गई. जब उसे टेस्ट किया गया, तो वो कुरकुरी सी टेस्टी डिश लगी.

कहा जाता है कि इसके बाद से नाश्ते के लिए डोसा बनाने की शुरुआत हुई और डोसे को ब्राह्मण का आविष्कार माना जाने लगा.

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