चैत्र नवरात्रि में जौ बोते समय न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल

चैत्र नवरात्रि में जौ बोते समय न करें ये गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूजा का पूरा फल

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक बेहद पवित्र पर्व माना जाता है, जिसकी शुरुआत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होती है. 

साल 2026 में यह पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है.

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ जौ बोने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है.

मान्यता है कि सही तरीके से बोए गए जौ अगर अच्छे से उगते हैं, तो यह घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत देते हैं. 

अगर आप चाहते हैं कि जौ अच्छे से अंकुरित हों, तो इसकी तैयारी एक दिन पहले से ही शुरू कर देनी चाहिए. 

अगले दिन सबसे पहले अपने पूजा स्थान या मंदिर को अच्छी तरह साफ करें. इसके बाद एक साफ मिट्टी का पात्र लें और उसमें शुद्ध मिट्टी भरें. 

जौ डालने के बाद ऊपर से हल्की मिट्टी की परत चढ़ाएं और थोड़ा पानी डालें. ध्यान रखें कि पानी ज्यादा न हो, वरना बीज खराब हो सकते हैं.

नवरात्रि में उगे जौ सिर्फ एक परंपरा नहीं हैं, बल्कि इन्हें भविष्य के संकेत के रूप में भी देखा जाता है.

यदि जौ का रंग पीला या काला हो जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है. यह आर्थिक परेशानी या कठिन समय का संकेत हो सकता है.

यदि जौ का रंग पीला या काला हो जाए, तो इसे अशुभ माना जाता है. यह आर्थिक परेशानी या कठिन समय का संकेत हो सकता है.

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