कोलेस्ट्रॉल ठीक होने के बावजूद क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक केस? जानिए एक्सपर्ट की सलाहकोलेस्ट्रॉल ठीक होने के बावजूद क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक केस? जानिए एक्सपर्ट की सलाहदिल की बीमारियों से बचने के लिए लोग अक्सर सिर्फ कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने पर ध्यान देते हैं.जबकि हार्ट अटैक का खतरा केवल कोलेस्ट्रॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और नींद भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं.डॉक्टर के मुताबिक, आज भी ज्यादातर लोग दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल दवाइयों और डाइट पर फोकस करते हैं.जबकि स्ट्रेस, चिंता और नींद की कमी जैसे कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित हो रही है.हाल ही में करोड़ों लोगों पर किए गए एक बड़े अध्ययन में सामने आया कि मानसिक समस्याएं सीधे तौर पर हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाती हैं. जिन लोगों को डिप्रेशन या एंजाइटी की समस्या होती है, उनमें दिल के दौरे का खतरा ज्यादा पाया गया. लगातार तनाव और अधूरी नींद शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव लाती है. इससे हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है. इसके साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, तनाव को नियंत्रित करना और पर्याप्त नींद लेना भी उतना ही जरूरी है.