मोबाइल छोड़िए, सुकून पाईए! जानिए क्या है ‘डिजिटल सनसेट’ और कैसे दिलाएगा गहरी नींद

मोबाइल छोड़िए, सुकून पाईए! जानिए क्या है ‘डिजिटल सनसेट’ और कैसे दिलाएगा गहरी नींद

भागदौड़ भरी जिंदगी में दिनभर स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन चुके हैं. 

काम के बाद भी देर रात तक सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या वेब सीरीज देखना आम आदत बन गई है. 

लेकिन यही आदत आपकी नींद की सबसे बड़ी दुश्मन भी हो सकती है.

अगर आप भी थकान के बावजूद बिस्तर पर करवटें बदलते रहते हैं, तो ‘डिजिटल सनसेट’ आपकी इस परेशानी का असरदार समाधान बन सकता है.

सोने से कम से कम एक से दो घंटे पहले सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, जैसे मोबाइल फोन, टैबलेट, टीवी और लैपटॉप को बंद कर देना.

जिस तरह सूरज ढलने के बाद वातावरण शांत होने लगता है, उसी तरह डिजिटल सनसेट आपके दिमाग को संकेत देता है.

हमारे शरीर में एक जैविक घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. 

शाम ढलने के साथ ही शरीर मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्राव शुरू करता है, जो नींद लाने में मदद करता है.

लेकिन मोबाइल और अन्य स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट इस प्रक्रिया में बाधा डालती है. 

स्क्रीन से दूरी बनाने पर शरीर प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन बनाता है, जिससे जल्दी और गहरी नींद आती है.

सोशल मीडिया और लगातार आने वाले नोटिफिकेशन तनाव और एंग्जायटी बढ़ा सकते हैं. डिजिटल ब्रेक लेने से मन शांत रहता है.

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